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🌞 आज का पंचांग | 20 दिसंबर 2025 | पौष मास की अमावस्या 🌞
20 दिसंबर 2025 को पौष कृष्ण अमावस्या, जानें शुभ मुहूर्त, राहुकाल और खास धार्मिक उपाय
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📍 तिथि और काल:
20 दिसंबर 2025 को मार्गशीर्ष अमावस्या है। यह तिथि सुबह 7:13 बजे तक रहेगी, इसके बाद प्रतिपदा तिथि प्रारंभ होगी। अमावस्या के दिन मूल नक्षत्र अर्धरात्रि के बाद समाप्त होगा। सूर्य इस दिन धनु राशि में संचारित होगा।
🕉️ धार्मिक महत्व और उपाय:
आज के दिन उगते सूर्य को अर्घ्य देना और गुड़-चावल का दान करना विशेष रूप से शुभ माना गया है। धार्मिक ग्रंथों के अनुसार, अमावस्या के दिन यह उपाय करने से पापों का नाश, सकारात्मक ऊर्जा और संपत्ति में वृद्धि होती है।
⏰ शुभ मुहूर्त और राहुकाल:
पंचांग के अनुसार आज के शुभ मुहूर्त और राहुकाल का समय जानकर कार्य करना लाभकारी रहेगा। अमावस्या के दिन विशेषकर धन-संपत्ति, स्वास्थ्य और पारिवारिक कल्याण से जुड़े कार्य किए जा सकते हैं।
🌟 विशेष टिप:
अमावस्या के दिन दान-पुण्य करना और सूर्य को अर्घ्य देना अत्यंत लाभकारी माना गया है। साथ ही, प्रतिपदा तिथि की शुरुआत के समय घर में शुद्धता और धार्मिक विधियों का पालन करना भी शुभ रहेगा।

🌞 आज का पंचांग | 20 दिसंबर 2025 | पौष कृष्ण अमावस्या (वृद्धि) | शनिवार 🌞
मार्गशीर्ष अमावस्या 2025: शुभ मुहूर्त, राहुकाल, नक्षत्र, योग और धार्मिक उपायों की पूरी जानकारी
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📅 राष्ट्रीय तिथि एवं पंचांग विवरण:
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हिंदू तिथि: पौष कृष्ण अमावस्या (वृद्धि)
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सप्ताह: शनिवार
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विक्रम संवत: 2082
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शक संवत: 1947
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सौर मास: पौष मास प्रविष्टे 06
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हिजरी वर्ष: 1447
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अंग्रेजी तिथि: 20 दिसंबर 2025 ई.
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ऋतु एवं सूर्य का संचार: सूर्य दक्षिणायन, दक्षिण गोल, हेमन्त ऋतु
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चंद्रमा राशि: धनु राशि
⏰ सूर्योदय और सूर्यास्त का समय:
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सूर्योदय: सुबह 7:09 बजे
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सूर्यास्त: शाम 5:28 बजे
🕉️ आज के शुभ मुहूर्त:
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ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 5:20 से 6:14 बजे तक
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विजय मुहूर्त: दोपहर 2:02 से 2:43 बजे तक
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निशीथ काल: रात 11:52 से 12:46 बजे तक
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गोधूलि बेला: शाम 5:26 से 5:53 बजे तक
⚠️ आज के अशुभ मुहूर्त:
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राहुकाल: सुबह 9:00 से 10:30 बजे तक
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गुलिक काल: सुबह 6:00 से 7:30 बजे तक
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यमगंड काल: दोपहर 1:30 से 3:30 बजे तक
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अमृत काल: सुबह 8:26 से 9:44 बजे तक
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दुर्मुहूर्त: सुबह 7:09 से 7:50 बजे तक
🌟 तिथियाँ और नक्षत्र का विस्तृत विवरण:
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अमावस्या तिथि: प्रातः 7:13 बजे तक
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प्रतिपदा तिथि: अमावस्या समाप्त होने के बाद प्रारंभ
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मूल नक्षत्र: अर्धरात्रि 01:22 बजे तक, इसके बाद पूर्वाषा-सज्य नक्षत्र प्रारंभ
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गण्ड योग: अपराह्न 04:17 बजे तक, उसके बाद वृद्धि योग
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नाग करण: प्रातः 07:13 बजे तक, उसके बाद बव करण
💡 आज के धार्मिक उपाय और महत्व:
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सूर्य को अर्घ्य देना आज विशेष रूप से शुभ माना गया है।
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गुड़-चावल का दान करने से पाप नष्ट होते हैं और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।
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अमावस्या के दिन किए गए दान और धार्मिक कार्य से धन-समृद्धि, स्वास्थ्य और परिवारिक कल्याण की प्राप्ति होती है।
🌸 विशेष टिप:
अमावस्या के समय सूर्य के साथ पूजा और दान करना अत्यंत शुभ है। इसके साथ प्रतिपदा की शुरुआत में घर और मंदिरों में शुद्धता और धार्मिक विधियों का पालन करना भी लाभकारी माना गया है।
✨ आज का सारांश:
20 दिसंबर 2025 को पौष कृष्ण अमावस्या (वृद्धि) का दिन है। यह दिन धार्मिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है। सुबह सूर्योदय के समय सूर्य को अर्घ्य देना और गुड़-चावल का दान करना, साथ ही शुभ मुहूर्त में कार्य करना अत्यंत लाभकारी है। राहुकाल और अशुभ मुहूर्तों से बचकर काम करने से दिन शुभ और संतोषजनक रहेगा।






