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चक्रवाती तूफान दितवाह के असर से दक्षिण भारत में मौसम तेजी से बदला है। आंध्र प्रदेश और तेलंगाना में लगातार तेज वर्षा हो रही है, जबकि तमिलनाडु और पुडुचेरी में अगले कुछ घंटों के लिए भारी बारिश की चेतावनी जारी है। दूसरी ओर, उत्तर भारत में मौसम ठंडा होता जा रहा है—दिल्ली, राजस्थान और हरियाणा में घना कोहरा छाने की संभावना है। राजस्थान के कई हिस्सों में शीतलहर शुरू होने के संकेत भी मिल रहे हैं।
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चक्रवाती तूफान दितवाह अब दक्षिण भारत में अपना गंभीर प्रभाव दिखाने लगा है। श्रीलंका के तटीय इलाकों और दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी के ऊपर बने इस चक्रवात के प्रभाव से आंध्र प्रदेश और तेलंगाना में तेज और लगातार बारिश का दौर जारी है। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार 30 नवंबर की सुबह तक यह चक्रवात उत्तरी तमिलनाडु तट को छू सकता है, जिससे राज्य में भारी बारिश की तीव्रता और बढ़ने की आशंका है। इसी के मद्देनज़र मौसम विभाग ने तमिलनाडु, पुडुचेरी, आंध्र प्रदेश और रायलसीमा में अगले तीन दिनों तक भारी से लेकर अत्यंत भारी बारिश का रेड और ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। कई तटीय क्षेत्रों में तेज हवाओं के साथ समुद्र में ऊंची लहरें उठने की संभावना जताई गई है, जिसके चलते मछुआरों को समुद्र में न जाने की सलाह दी गई है।
उत्तर भारत में इस तूफान का अप्रत्यक्ष असर अलग तरीके से दिखाई दे रहा है। दिल्ली, उत्तर राजस्थान और हरियाणा में 29–30 नवंबर की सुबह घना कोहरा छाने का अनुमान व्यक्त किया गया है, जिससे दृश्यता में कमी और यातायात पर असर पड़ सकता है। राजस्थान में 3 से 5 दिसंबर के बीच शीतलहर चलने की आशंका जताई गई है, खासकर शेखावाटी, बीकानेर और चुरू जैसे इलाकों में। हिमाचल प्रदेश में भी घना कोहरा लोगों के लिए परेशानी का कारण बना हुआ है। मंडी और बिलासपुर में दृश्यता केवल 100 मीटर तक सीमित रहने की रिपोर्ट सामने आई है, और आने वाले दिनों में भी सुबह के समय इसी तरह का मौसम बने रहने की संभावना है।
दिल्ली में इस बार सर्दियों की शुरुआत सामान्य से धीमी रही है। न कोहरा दिखा और न बारिश हुई, जिसके कारण सर्दी का असली असर अभी तक नहीं बढ़ पाया है। दिन में तेज धूप के कारण लोगों को गर्मी का अहसास हो रहा है, जबकि रातें हल्की ठंडी बनी हुई हैं। शुक्रवार को अधिकतम तापमान 25.9 डिग्री दर्ज हुआ, जो सामान्य से थोड़ा कम है, वहीं न्यूनतम तापमान 8.1 डिग्री तक पहुंच गया, जो सामान्य से 2.2 डिग्री कम है। हवा में नमी का स्तर 46 से 100 प्रतिशत के बीच रहा, जिससे सुबह और रात के समय ठंडक बढ़ी है।
उत्तर प्रदेश में दिसंबर की शुरुआत से पहले मौसम अभी भी नरम बना हुआ है। प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में दिन के समय धूप खिली रहती है, जबकि रातें हल्की ठंड वाली हैं। अभी तक कहीं भी कड़ाके की ठंड का असर देखने को नहीं मिला है। मौसम विभाग के अनुसार 29 नवंबर को पश्चिमी व पूर्वी उत्तर प्रदेश में मौसम शुष्क बना रहेगा, हालांकि सुबह के समय छिछले से मध्यम कोहरे की संभावना व्यक्त की गई है।
उत्तराखंड में भी मौसम फिलहाल शुष्क बना हुआ है। मैदानी इलाकों में सुबह के समय कोहरा छाने से लोगों की दिनचर्या प्रभावित हो रही है, जबकि पहाड़ी क्षेत्रों में पाला पड़ने की वजह से ठिठुरन बढ़ गई है। हालांकि दिन के समय चटक धूप निकलने से लोगों को थोड़ी राहत मिल रही है और अधिकतम तापमान में हल्की बढ़ोतरी भी दर्ज की गई है।
कुल मिलाकर, दक्षिण भारत में दितवाह तूफान से भारी बारिश का खतरा बना हुआ है, जबकि उत्तर भारत में कोहरा और ठंड धीरे-धीरे अपना असर दिखा रहे हैं।






