![]()
नवजात शिशुओं में जन्म के तुरंत बाद कुछ शारीरिक विकृतियाँ दिखाई देना आम बात है, और कई बार यह परिवार के लिए घबराहट की वजह भी बन जाता है। ऐसा ही एक मामला डॉक्टर सोनिया के पास आया, जहाँ एक बच्चे का जन्म टेढ़े पैर के साथ हुआ। पैर के असामान्य आकार को देखकर परिवार चिंता में पड़ गया और सबसे पहला सवाल यही था— “क्या बच्चा भविष्य में चल पाएगा?”
जांच के बाद डॉक्टर सोनिया ने बताया कि इस तरह की स्थिति अक्सर बच्चे की गर्भ में पोज़िशन सही न होने, मां के पेट में कम जगह होने या मांसपेशियों के ढीलेपन के कारण हो सकती है। यह आमतौर पर गंभीर विकृति नहीं होती और सही समय पर इलाज व फिजियोथेरपी से पूरी तरह ठीक हो सकती है। कई मामलों में जन्म के बाद कुछ दिनों में पैर खुद-ब-खुद सामान्य भी हो जाता है। डॉक्टर ने परिवार को आश्वस्त किया कि नियमित देखभाल और सही उपचार के साथ बच्चे के पूरी तरह सामान्य रूप से चलने की संभावना बहुत अधिक है।
यह मामला इस बात की याद दिलाता है कि जन्म के समय दिखाई देने वाली कई शारीरिक समस्याएँ अस्थायी होती हैं और उचित चिकित्सकीय सलाह से आसानी से संभाली जा सकती हैं।
![]()
एक महिला ने हाल ही में डॉक्टर सोनिया गुप्ता के पास बच्चे को जन्म दिया, लेकिन प्रसव के तुरंत बाद नवजात शिशु के पैर टेढ़े दिखे, जिससे पूरा परिवार सदमे में आ गया। जैसे ही डॉक्टर ने यह जानकारी दी, परिजन घबरा गए और सबसे बड़ा सवाल यही था— क्या बच्चा आगे चल पाएगा? परिवार की चिंता देखते हुए डॉक्टर सोनिया ने उन्हें शांत किया और बताया कि नवजात में पैर टेढ़े होने की समस्या कई कारणों से हो सकती है, जिनमें गर्भ में बच्चे की गलत पोजीशन, कम जगह मिलने के कारण पैर मुड़ जाना या जन्म के दौरान दबाव शामिल हो सकते हैं। उन्होंने समझाया कि यह स्थिति अक्सर इलाज योग्य होती है और समय पर उपचार मिलने पर बच्चा सामान्य रूप से चलने-फिरने में सक्षम हो जाता है। डॉक्टर के इस आश्वासन से परिवार को बड़ी राहत मिली।






