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गर्भधारण करने के लिए आपको कई सारी चीजों का ध्यान रखना पड़ता है। कई कपल्स के लिए यह बहुत मुश्किल भरा सफर होता है। ऐसे में आपको डॉक्टर के पास जाना चाहिए। क्योंकि कई बार छोटी सी मदद आपका काम आसान कर सकती है।

ऐसा ही एक मामला डॉक्टर सोनिया गुप्ता के पास आया। उनके पास एक महिला मरीज आई, जो 3 साल से दूसरे बच्चे के लिए कोशिश कर रही थी। लेकिन सारी कोशिशें फेल हो रही थीं। जब वो डॉक्टर के पास पहुंची तो चेकअप में एक गलती पकड़ी गई।
कॉन्ट्रासेप्शन का इस्तेमाल किया है?
जब महिला ने कहा कि 3 साल से दूसरा बच्चा नहीं हो रहा था। तो डॉक्टर ने पूछा कि कोई गर्भनिरोधक या कॉन्ट्रासेप्शन का इस्तेमाल किया है। तो इस पर मरीज ने मना कर दिया।
‘पिछली डिलीवरी सरकारी में करवाई थी’
लेकिन जब डॉक्टर ने जांच की तो उसे कॉन्ट्रासेप्टिव टूल देखा। जांच में कॉपर टी निकली। जिसपर महिला ने कहा कि पिछली डिलीवरी सरकारी में करवाई थी, वहां ही लगा दी हो।
3 साल से नहीं हो रही थी कंसीव
जांच करवाना जरूरी
डॉक्टर सोनिया गुप्ता कहती हैं कि कभी कभी एक प्रेगनेंसी होने के बाद आप दूसरी या तीसरी बार कंसीव नहीं हो पा रहे होते हो। मगर सोचते हैं कि अपने आप कंसीव कर लोगे और चेकअप करवाने के लिए नहीं आते हो। यह गलती है, क्योंकि कभी कभी छोटी छोटी समस्या की वजह से भी गर्भधारण नहीं होता है।
कॉपर टी क्या है?
कॉपर टी एक इंट्रायूटेराइन डिवाइस है, जो कि लंबे समय तक बर्थ कंट्रोल करने के लिए इस्तेमाल किया जाता है। यह एक टी-शेप में होता है, जिसे डॉक्टर यूट्रस में लगाता है। यह स्पर्म फंक्शन और मूवमेंट को प्रभावित करता है।






