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रेगिस्तानी इलाके में एक किसान ने आगरा के मशहूर सफेद पेठे की खेती कर लाखों की कमाई कर ली। इंटरनेट से 48 साल के किसान ने तीन साल पहले इसकी खेती का तरीका सीखा था।
पहले ही साल में 10 लाख की कमाई होने के बाद उन्होंने 10 बीघा जमीन पर इसकी खेती शुरू की। इस पेठे के साथ वे सब्जियों और बागबानी कर लाखों रुपए कमा रहे हैं।
इस बार म्हारे देस री खेती में पढि़ए श्रीगंगानगर के किसान मंजीत सिंह की कहानी…।

तीन साल पहले की थी शुरुआत
श्रीगंगानगर के सोहने चक में रहने वाले मंजीत सिंह ने बताया कि उनकी गांव में 18 बीघा जमीन है। वे एमकॉम,एमफिल के साथ पीजीडीसीए और आईटीआई की डिग्री-डिप्लोमा पूरा कर चुके है।
सिंह ने बताया कि कई साल तक वे अपनी जमीन पर मूंग और नरमा की खेती करते रहे। परंपरागत खेती से इतना मुनाफा नहीं होता था।
तीन साल पहले उन्होंने सफेद पेठे की खेती के बारे में सुना था। इसके बाद यूट्यूब पर वीडियो देखा तो इसकी खेती के बारे में काफी जानकारी मिली।
यहीं से पहले सफेद पेठे की खेती के बारे में जानकारी ली। इसके बाद कृषि वैज्ञानिकों से इसके बारे में चर्चा की और इसकी खेती शुरू की।

2022 में पहली बार सफेद पेठा की बेल लगाई
मंजीत सिंह ने बताया कि पहली बार में ही उन्होंने 10 बीघा में सफेद पेठे की बेल लगाई। इसके लिए उन्होंने बूंद-बूंद सिंचाई पद्धति के साथ मिट्टी परीक्षण और ऑर्गेनिक फर्टिलाइजर्स का यूज किया।
पहले ही साल में अच्छी खासी फसल हुई। मंजीत बोले कि उम्मीद नहीं थी कि इससे इतना मुनाफा होगा। लेकिन, पहली क्राॅप से उन्होंने 10 लाख रुपए की कमाई की।
मंजीत ने बताया कि वे तीन साल में करीब 30 लाख का रुपए सफेद पेठे से कमा चुके है। आने वाले कुछ सालों में इस खेती को आगे बढ़ाने का प्लान तैयार कर रहे हैं।

किसान का दावा- यूपी के साथ पंजाब-हरियाणा में डिमांड
मंजीत बताते हैं कि राजस्थान में सिर्फ वह अकेले ही सफेद पेठे की खेती करते हैं, जिनके कारण इसकी डिमांड ज्यादा है। उनका ये पेठा यूपी के आगरा, कानपुर के साथ राजस्थान, पंजाब और हरियाणा में तक सप्लाई होता है।
अब एक बीघा से 70-80 क्विंटल उपज हो रही है। हर पेठे का वजन 10-15 किलो है। एक बीघा में 70 से 80 क्विंटल पेठे की फसल हो जाती है। मंजीत बताते है- पेठे की खेती में खराबा कम होता है। ये सड़ता-गलता भी नहीं है।

8 बीघा में सब्जियों और फूलों की खेती, हर साल 5 लाख की कमाई
मंजीत ने बताया कि बाकी 8 बीघा जमीन पर वे सब्जियों और फूलों की खेती करते है। 2 बीघा में गेंदे के फूलों की खेती की जा रही है।
बाकी बची जमीन पर वे हरी और लाल मिर्च के साथ मूंग, नरमा, बैंगन आदि की खेती कर रहे हैं। इन सभी से वे साल में पांच लाख रुपए की कमाई कर रहे हैं। पेठे और बाकी खेती से वे हर साल 15 लाख रुपए कमा रहे हैं।
मंजीत ने बताया कि धीरे-धीरे पेठे की इंडस्ट्री बढ़ती जा रही है। पहले ये केवल मिठाई तक ही सीमित था। लेकिन अब इसका जूस भी बिक रहा है।








