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निपराज (सोनभद्र)। श्रावण मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि पर निपराज गांव में नाग पंचमी का पर्व पूरी श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाया गया। ग्रामीण महिलाओं ने पारंपरिक वस्त्र पहनकर नाग देवता की पूजा अर्चना की।
पूजा में दूध, दूर्वा, फूल, हल्दी और चावल अर्पित किए गए। महिलाओं ने नाग देवता से अपने परिवार की सुख-शांति, समृद्धि और स्वास्थ्य की कामना की।

स्थानीय महिला सीता देवी ने बताया, “हम हर साल नाग पंचमी के दिन यह पूजा करते हैं। इससे हमारे घर में किसी प्रकार का संकट नहीं आता है और नाग देवता की कृपा बनी रहती है।” उन्होंने बताया कि इस दिन व्रत रखने का भी विशेष महत्व है।
पूजा के बाद महिलाओं ने एक-दूसरे को हल्दी और रोली लगाकर शुभकामनाएं दीं। पारंपरिक लोकगीतों के साथ पर्व को और भी भक्तिमय बना दिया गया। गांव की गलियों में रौनक देखने को मिली। बच्चों में भी खास उत्साह रहा।

गांव के मंदिर में सामूहिक पूजा के साथ-साथ कई लोगों ने अपने-अपने घरों में भी नाग देवता की पूजा की। मिट्टी से नागदेव की आकृति बनाकर घर की महिलाएं और बच्चे पूजा में शामिल हुए।
ग्रामीणों ने इसे पीढ़ियों से चली आ रही परंपरा बताया। उनका कहना है कि यह पर्व सांपों के प्रति सम्मान और प्रकृति के साथ समरसता का प्रतीक है।
पूरे दिन गांव में धार्मिक और सांस्कृतिक माहौल बना रहा। नाग पंचमी पर लोगों ने उपवास रखकर और भजन-कीर्तन कर दिन बिताया। शाम तक मंदिरों में भक्तों की भीड़ बनी रही।






