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अंजलि गौतम( अन्नू सागर)
बुलंदशहर। विश्व संवाद केंद्र मेरठ द्वारा बुलंदशहर स्थित कलश होटल में देवऋषि नारद जयंती एवं हिंदी पत्रकारिता दिवस के 200वें वर्ष के उपलक्ष्य में एक गरिमामयी संगोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में पत्रकारिता के दायित्व, राष्ट्र निर्माण में मीडिया की भूमिका, भारतीय संस्कृति तथा आध्यात्मिक चेतना से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत विचार-विमर्श किया गया।

कार्यक्रम की अध्यक्षता वरिष्ठ पत्रकार एवं आज तक न्यूज़ चैनल से जुड़े मुकुल शर्मा ने की। कार्यक्रम के मुख्य वक्ता श्री पदम जी, क्षेत्र प्रचार प्रमुख रहे। कार्यक्रम के समापन पर अजय गोयल जी, विभाग प्रचार प्रमुख द्वारा उपस्थित सभी अतिथियों, पत्रकार बंधुओं एवं श्रोताओं के प्रति आभार व्यक्त किया गया। कार्यक्रम का सफल संचालन अखंड प्रताप, सह विभाग प्रचार प्रमुख ने कुशलतापूर्वक किया।

मुख्य वक्ता ने अपने उद्बोधन में कहा कि सशक्त पत्रकारिता के लिए अध्ययन, लेखन एवं प्रभावी संवाद अत्यंत आवश्यक हैं। पत्रकार समाज का सजग प्रहरी होता है, जो केवल समाचारों का संप्रेषण ही नहीं करता, बल्कि समाज को सत्य, संस्कार एवं सकारात्मक दिशा देने का भी कार्य करता है। उन्होंने कहा कि यदि समाज को जीवंत एवं जागरूक बनाए रखना है, तो उसे अपने गौरवशाली इतिहास, सांस्कृतिक विरासत एवं जीवन मूल्यों से परिचित कराना आवश्यक है।

उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में विश्व विनाशकारी प्रवृत्तियों की ओर अग्रसर है, किंतु मानवता को इस संकट से उबारने का मार्ग भारत की आध्यात्मिक चेतना, जीवन दर्शन एवं सांस्कृतिक मूल्य ही प्रदान कर सकते हैं। आज समाज वास्तविक जीवन मूल्यों से दूर होकर आभासी एवं “रील संस्कृति” की ओर बढ़ रहा है, जिससे पारिवारिक एवं सामाजिक मूल्यों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है।
कार्यक्रम में देवऋषि नारद जी के आदर्शों एवं पत्रकारिता के मूल स्वरूप पर भी गहन चर्चा की गई। वक्ताओं ने कहा कि देवऋषि नारद केवल देवताओं के दूत नहीं थे, बल्कि संवाद, सूचना, समन्वय एवं समाजहित में संदेश संप्रेषण के प्रतीक थे। इसी कारण उन्हें भारतीय पत्रकारिता का प्रेरणास्रोत माना जाता है।
हिंदी पत्रकारिता के 200 वर्षों की गौरवशाली यात्रा पर चर्चा करते हुए वक्ताओं ने निष्पक्ष, राष्ट्रहितकारी एवं समाजोन्मुख पत्रकारिता की आवश्यकता पर बल दिया। साथ ही भारत जागरण, पर्यावरण संरक्षण, स्वास्थ्य जागरण, परिवार प्रबोधन, सामाजिक समरसता, मीडिया की भूमिका एवं राष्ट्र चेतना जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर भी अपने विचार रखे गए।
वक्ताओं ने भारत की प्राचीन चिकित्सा पद्धति, ज्ञान-विज्ञान एवं शिक्षा व्यवस्था को विश्व के लिए प्रेरणास्रोत बताते हुए नई पीढ़ी को भारतीय संस्कृति एवं मूल्यों से जोड़ने का आह्वान किया।
इस अवसर पर मुख्य रूप से योगेश कुमार एडवोकेट (जिला प्रचार प्रमुख), मनवीर सिंह (सह जिला प्रचार प्रमुख), अखिलेश (जिला प्रचार प्रमुख, अनूपशहर), लोकेश (जिला प्रचार प्रमुख, खुर्जा), राजवीर सिंह, विकास (विभाग प्रचारक), सुनील, योगेंद्र सिंह, अनुज, भूपेंद्र राजपूत एडवोकेट, कुश कुमार एडवोकेट, सोमकेश जी, राजेश जी, विजय जी एवं अनुतोष जी सहित अनेक गणमान्य नागरिक, दूर दराज से आए पत्रकार बंधु एवं सामाजिक कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के अंत में राष्ट्र निर्माण, सामाजिक जागरण एवं सकारात्मक पत्रकारिता के माध्यम से समाज को नई दिशा देने का सामूहिक संकल्प लिया गया।






