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कनाडा के युवा बल्लेबाज Yuvraj Samra ने न्यूजीलैंड के खिलाफ शानदार पारी खेलकर सुर्खियां बटोरीं। अब अपने खेल को नई ऊंचाइयों तक ले जाने के लिए उन्होंने भारतीय कोच Jwala Singh से ट्रेनिंग लेना शुरू कर दिया है।
नई दिल्ली: ICC T20 World Cup 2026 में कनाडा के 19 वर्षीय सलामी बल्लेबाज Yuvraj Samra ने ऐसा कारनामा कर दिखाया, जिसने उन्हें रातों-रात वैश्विक पहचान दिला दी। चेन्नई के एमए चिदंबरम स्टेडियम में न्यूजीलैंड के खिलाफ खेले गए मुकाबले में सामरा ने सिर्फ 58 गेंदों में शतक ठोक दिया। वह टी20 वर्ल्ड कप इतिहास में शतक लगाने वाले पहले एसोसिएट खिलाड़ी बन गए, साथ ही सबसे कम उम्र में यह उपलब्धि हासिल करने वाले बल्लेबाज भी बने।
अपनी 110 रन की पारी में उन्होंने 11 चौके और 6 छक्के जड़े। इस शतकीय पारी के साथ उन्होंने 12 साल पुराना रिकॉर्ड भी तोड़ दिया। 19 साल और 141 दिन की उम्र में यह उपलब्धि हासिल कर सामरा ने साबित कर दिया कि वह बड़े मंच के खिलाड़ी हैं।

ज्वाला सिंह से ले रहे हैं ट्रेनिंग
इस सफलता के पीछे भारतीय कोच Jwala Singh का अहम योगदान रहा है। ज्वाला सिंह मुंबई के मशहूर कोच हैं और उन्होंने कई प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को तराशा है, जिनमें Yashasvi Jaiswal भी शामिल हैं। सामरा ने हाल ही में ज्वाला सिंह से विशेष कोचिंग लेना शुरू किया है ताकि वह अपने खेल को और निखार सकें।
सामरा ने कोच की तारीफ करते हुए कहा कि वह एक विश्वस्तरीय मेंटर हैं और उनके साथ ट्रेनिंग करना उनके लिए गर्व की बात है। वहीं ज्वाला सिंह ने भी सामरा की प्रतिभा की सराहना की, लेकिन साथ ही उन्हें निरंतरता बनाए रखने और अपने खेल को और ऊंचे स्तर तक ले जाने की सलाह दी।
नाम के पीछे की कहानी
रिपोर्ट्स के अनुसार, सामरा का नाम उनके पिता ने भारतीय दिग्गज Yuvraj Singh के नाम पर रखा था। ऐतिहासिक पारी के बाद भावुक होते हुए सामरा ने कहा कि यह उनके सपनों के सच होने जैसा है और काश उनके पिता उन्हें यह उपलब्धि हासिल करते देख पाते।
कुल मिलाकर, युवराज सामरा ने न सिर्फ कनाडा क्रिकेट के लिए नया इतिहास रचा है, बल्कि यह भी संकेत दे दिया है कि वह आने वाले समय में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में बड़ा नाम बन सकते हैं।






