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भारतीय टीम के ओपनर Abhishek Sharma खराब फॉर्म से जूझ रहे हैं। टी20 वर्ल्ड कप में खेले गए तीनों मैचों में वह बिना खाता खोले आउट हुए हैं। अब सुपर 8 चरण में भारत का पहला मुकाबला South Africa के खिलाफ है, जहां टीम मैनेजमेंट ओपनिंग संयोजन में बदलाव पर विचार कर सकता है।

अहमदाबाद के Narendra Modi Stadium में टी20 वर्ल्ड कप के सुपर-8 मुकाबले से पहले टीम इंडिया के लिए सबसे बड़ी चिंता स्टार ओपनर Abhishek Sharma की फॉर्म है। वर्ल्ड कप में डेब्यू के बाद से वह लगातार तीन पारियों में शून्य पर आउट हुए हैं। हैरानी की बात यह है कि इन नाकामियों के बावजूद वह आईसीसी टी20 इंटरनेशनल रैंकिंग में नंबर-1 बल्लेबाज बने हुए हैं। लेकिन मौजूदा टूर्नामेंट में उनका आत्मविश्वास और आक्रामक अंदाज फीका पड़ता दिख रहा है, जिससे टीम मैनेजमेंट की चिंता बढ़ गई है।
सुपर-8 में भारत का पहला मुकाबला साउथ अफ्रीका से है, जो बेहद अहम माना जा रहा है। ऐसे में प्लेइंग इलेवन में बदलाव की संभावनाएं तेज हो गई हैं। शुक्रवार को हुए प्रैक्टिस सेशन ने इन अटकलों को और हवा दी। संकेत मिले कि टीम ‘लेफ्ट-राइट’ कॉम्बिनेशन पर विचार कर रही है। यानी लेफ्ट हैंडर अभिषेक की जगह राइट हैंडर Sanju Samson को मौका दिया जा सकता है।
प्रैक्टिस के दौरान हेड कोच Gautam Gambhir ने अभिषेक से लंबी और गंभीर बातचीत की। हालांकि, शुरुआती नेट्स में बल्लेबाजी के लिए अभिषेक नहीं उतरे। पहले नेट्स पर ईशान ने जसप्रीत बुमराह, अर्शदीप सिंह और शिवम दुबे जैसे गेंदबाजों का सामना किया और शानदार लय में नजर आए। बाद में उसी नेट पर संजू सैमसन पैड बांधकर पहुंचे और ईशान के साथ ओपनिंग जोड़ी की तरह अभ्यास किया। दोनों ने बारी-बारी से स्ट्राइक ली, जैसे मैच की परिस्थिति हो, जिससे संभावित बदलाव की अटकलें मजबूत हुईं।
दूसरे नेट्स पर कप्तान सूर्यकुमार यादव स्पिनर्स के खिलाफ आक्रामक अंदाज में बल्लेबाजी करते दिखे। वहीं अभिषेक कुछ समय तक नजर नहीं आए और बाद में बाएं हाथ से गेंदबाजी करते दिखे। आम तौर पर खराब फॉर्म से जूझ रहे बल्लेबाज से लंबा बैटिंग सेशन अपेक्षित होता है, लेकिन अभिषेक का देर से नेट्स पर आना भी चर्चा का विषय बना।
हालांकि अंतिम फैसला मैच के दिन ही स्पष्ट होगा, लेकिन प्रैक्टिस सेशन के संकेत बताते हैं कि टीम मैनेजमेंट साउथ अफ्रीका जैसे मजबूत प्रतिद्वंद्वी के खिलाफ अनुभव और संतुलन को प्राथमिकता दे सकता है। ऐसे में संजू सैमसन को मौका मिलना चौंकाने वाला नहीं होगा, खासकर जब टीम ‘लेफ्ट-राइट’ रणनीति के जरिए विपक्षी गेंदबाजों पर दबाव बनाना चाहती हो।






