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इमिग्रेशन वकीलों ने H-1B वीजा होल्डर्स से सतर्क रहने की सलाह दी है। वकीलों ने वीजा धारकों को भारत यात्रा टालने और अमेरिका में ही रहने की हिदायत दी है, ताकि उनकी नौकरी और वीजा स्थिति पर कोई नकारात्मक असर न पड़े।

वॉशिंगटन/नई दिल्ली: अमेरिकी H-1B वीजा होल्डर्स, खासकर भारतीय नागरिक, इस समय अपनी नौकरी और अमेरिका वापसी को लेकर चिंतित हैं। डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन ने हाल ही में भारत में दिसंबर 2025 में होने वाले H-1B वीजा इंटरव्यू को अगले साल मार्च-अप्रैल तक टाल दिया है। इस अप्रत्याशित बदलाव से सैकड़ों भारतीय वीजा धारक मुश्किल में हैं, क्योंकि उनकी अमेरिका में वापसी और नौकरी पर असर पड़ सकता है।
इमिग्रेशन विशेषज्ञों और वकीलों ने वीजा होल्डर्स को चेतावनी दी है कि फिलहाल भारत की यात्रा बिल्कुल टालें। एक्सपर्ट्स का कहना है कि यात्रा करने से H-1B कर्मचारियों की नौकरी जोखिम में आ सकती है, क्योंकि नियोक्ता छह महीने से अधिक समय तक H-1B पद खाली नहीं रख सकते और कई कंपनियां अमेरिका के बाहर से काम करने की कानूनी अनुमति नहीं देतीं। इसका मतलब यह है कि अगर कोई वीजा होल्डर अभी भारत यात्रा करता है, तो वह वापस अमेरिका लौटते समय अपनी नौकरी खो सकता है और बेरोजगारी की स्थिति में फंस सकता है।
अमेरिकी इमिग्रेशन फर्म रेड्डी न्यूमैन ब्राउन पीसी के संस्थापक पार्टनर राहुल रेड्डी ने बताया कि H-1B कर्मचारियों के लिए यह स्थिति विशेष रूप से चिंताजनक है, क्योंकि वीजा प्रक्रिया में देरी उनके पेशेवर करियर के साथ-साथ व्यक्तिगत जीवन पर भी असर डाल रही है। कई लोग अपने परिवार के साथ भारत आना चाहते थे, लेकिन वीजा इंटरव्यू टलने से यह योजना भी प्रभावित हुई है।
इमिग्रेशन अटॉर्नी रेबेका चेन ने भी सलाह दी कि जिन लोगों को अभी तक अमेरिका से वीजा इंटरव्यू के लिए ईमेल नहीं मिला है, उन्हें भी फिलहाल भारत की यात्रा टाल देनी चाहिए। वहीं, जो लोग पहले से ही भारत में हैं और अमेरिका लौटने के लिए वीजा स्टैंपिंग करवाना चाहते हैं, उनके पास फिलहाल सिर्फ इंतजार करने के अलावा कोई विकल्प नहीं है।
विशेषज्ञों का कहना है कि अमेरिका में पुनः प्रवेश के लिए वीजा स्टैंप होना अनिवार्य है। इंटरव्यू में देरी से न केवल वीजा स्टैंपिंग प्रभावित हो रही है, बल्कि कई H-1B कर्मचारियों की नौकरी पर भी खतरा मंडरा रहा है। ऐसे में यात्रा करने वाले कर्मचारियों को अपने कदम सोच-समझकर उठाने की जरूरत है।
कुल मिलाकर, इस अप्रत्याशित बदलाव ने भारतीय H-1B वीजा होल्डर्स के लिए गंभीर चुनौती पैदा कर दी है। नौकरी, परिवार और भविष्य की योजनाओं को देखते हुए उन्हें फिलहाल अमेरिका में बने रहना और भारत की यात्रा टालना ही सुरक्षित विकल्प माना जा रहा है।






