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बीते 20 अगस्त को दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता पर कथित तौर ने एक शख्स ने हमला कर दिया था। पुलिस द्वारा दायर चार्जशीट में कई चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं।

बीते अगस्त में गुजरात के एक शख्स ने सीएम रेखा गुप्ता की जन सुनवाई कार्यक्रम में घुसकर उन पर हमला कर दिया था। उसने कथित तौर पर थप्पड़ मारने, बाल खींचने और गला घोंटने की कोशिश की थी। हालांकि सुरक्षा गार्ड्स ने उसे दबोच लिया था। पिछले महीने दिल्ली पुलिस ने इस मामले में 429 पन्नों की चार्जशीट दायर की है। इसमें आरोपी ने बहुत ही हैरानी भरी कहानी सुनाई है।
खुद को डॉगी लवर बताता है आरोपी
इस शख्स का दावा है कि अगस्त में कथित तौर पर सीएम रेखा गुप्ता पर हमला करने के लिए उसे सपने में आए एक कुत्ते ने प्रेरित किया था। जानकारी के मुताबिक यह सपना देखने के बाद ही उसने मुख्यमंत्री पर हमला करने की खौफनाक साजिश रची। चार्जशीट में कहा गया है, ‘एक रात सपने में मैंने अपने मंदिर में एक कुत्ते को शिवलिंग के पास खड़े देखा। इस मंदिर में बहुत सारे आवारा कुत्ते रहते हैं। शिवलिंग के पास खड़े कुत्ते ने मुझसे कहा-दिल्ली में बहुत कुत्ते बहुत ज्यादा परेशान हैं।’
इस सपने के बाद उसने अपनी पत्नी और बापू नाम के एक दोस्त से कहा कि वो दिल्ली में भूख हड़ताल पर बैठेगा। पिछली बार की तरह इस बार किसी ने उसे रोका तो वो उसे मार डालेगा। फिर चाहे वो कोई भी हो। चार्जशीट में यह बात भी दर्ज है कि मई में राजेशभाई ने अयोध्या में बंदरों के मुद्दे पर भूख हड़ताल पर बैठने की कोशिश की थी। लेकिन मंदिर के गार्ड्स से उसका झगड़ा हो गया, जिसके बाद उसे हिरासत में ले लिया गया।
दिल्ली में कुत्तों के मुद्दे पर कई वीडियो देखे
अगस्त के दौरान दिल्ली में आवारा कुत्तों का मामला काफी गरमाया हुआ था। इसे लेकर विरोध-प्रदर्शन भी हो रहे थे। राजेशभाई ने इन प्रदर्शनों के कई वीडियोज देखे थे और उसकी नजर में इस समस्या के लिए रेखा गुप्ता ही जिम्मेदार थी। राजकोट के साकरिया ने 20 अगस्त को एक जन सुनवाई में मुख्यमंत्री पर हमला कर दिया था।
मानसिक समस्या से जूझ रहा है शख्स
इस घटना के बाद राजेशभाई की मां ने बताया था कि उसका बेटा एक डॉग लवर है, लेकिन साथ ही वो मानसिक समस्याओं से जूझ रहा है। 11 अगस्त को सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया था कि NCR के अधिकारियों को सभी आवारा कुत्तों को एक स्थायी शेल्टर होम में रखने को कहा गया था। वह इस आदेश से परेशान था। उसकी मां ने यह भी दावा किया था कि उसकी मानसिक स्थिति ऐसी है कि वो किसी पर भी हाथ उठ देता है। यहां तक कि उसने उसे और अपनी पत्नी को भी मारा है। बार-बार कहने के बावजूद उसने कभी कोई दवा नहीं ली।
‘महाकाल से ली आज्ञा’
चार्जशीट के मुताबिक इसके बाद वो दिल्ली जाने की आज्ञा लेने के लिए उज्जैन के महाकाल मंदिर गया। उसने बताया, ‘मैंने दो पर्चियां बनाई। एक में हां और दूसरी पर नहीं लिखा। दोनों पर्चियां महाकाल को अर्पित की और एक उठा ली। मेरे हाथ में हां वाली पर्ची थी। मेरे लिए यह महाकाल का आदेश था कि मुझे दिल्ली जाकर भूख हड़ताल पर बैठना चाहिए।’ दिल्ली जाने के लिए पत्नी ने पैसा नहीं दिया तो दोस्त और सह आरोपी तहसीन रजा से 2000 रुपये लिए।
पुलिस को देख चाकू फेंका
इसके बाद वह दिल्ली पहुंच गया और जन सुनवाई की पर्ची हासिल की। पहले तो उसने एक फल वाले के पास से चाकू उठाया, लेकिन सिक्योरिटी को देखकर उसने इसे खाली प्लॉट में फेंक दिया। जन सुनवाई में सुबह 8:45 बजे उसका नंबर आया। उसने कहा कि कुत्तों पर बैन लगाना गलत है, इसका अंजाम तुम्हें भुगतना होगा। फिर कथित तौर पर थप्पड़ मारा, बाल पकड़े और सीएम को जमीन पर गिरा दिया। पूरे दम के साथ उसने गला दबाने की कोशिश की। वो बार-बार चिल्लाता रहा कि उन्हें जिंदा नहीं छोड़ेगा। स्पेशल पब्लिक प्रोस्क्यिटूर ने अदालत को बताया कि पुलिस ने एक गहरी साजिश का पर्दाफाश किया है।






