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राजस्थान की राजनीति में अपनी ईमानदार छवि और सख्त एक्शन के लिए मशहूर मंत्री किरोड़ी लाल मीणा एक बार फिर सुर्खियों में हैं। राज्य के सबसे उम्रदराज मंत्री ने एक बार फिर आधी रात को ऐसा कदम उठाया जिसने पूरे प्रशासनिक तंत्र में हलचल मचा दी। रविवार देर रात दौसा-भरतपुर की सीमा पर मंत्री मीणा ने खुद मोर्चा संभालते हुए एक नकली घी बनाने वाली फैक्ट्री पर छापा मारा और वहां हो रहे खौफनाक सच को उजागर किया। फैक्ट्री में खुलेआम मिलावट का खेल चल रहा था, जहां यूरिया और कास्टिक सोडा से नकली दूध तैयार कर घी बनाया जा रहा था।
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यह फैक्ट्री “दाऊजी मिल्क फ्रूट प्राइवेट लिमिटेड” नाम से संचालित हो रही थी। मंत्री किरोड़ी लाल मीणा की अगुवाई में फूड इंस्पेक्टर, स्वास्थ्य विभाग और पुलिस की टीम ने करीब सवा 11 बजे रात को कार्रवाई शुरू की, जो देर रात ढाई बजे तक चली। फैक्ट्री से दो टैंकर भरा हुआ नकली घी बरामद किया गया, साथ ही 15 से अधिक नामी कंपनियों के रैपर और पैकिंग सामग्री भी जब्त की गई। मौके पर मौजूद अधिकारियों ने दूध, घी और अन्य केमिकल्स के सैंपल लिए ताकि जांच में यह साफ हो सके कि किन-किन खतरनाक पदार्थों का इस्तेमाल हो रहा था।
सूत्रों के अनुसार, फैक्ट्री में इस्तेमाल किया जाने वाला नकली दूध आगरा से लाया जाता था, जिसे यहां प्रोसेस कर घी के रूप में पैक किया जाता था। इस तरह से नकली प्रोडक्ट को असली ब्रांड के नाम पर बाजार में बेचा जा रहा था। खास बात यह है कि इसी फैक्ट्री पर मार्च में भी राज्य स्तरीय खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने छापा मारा था, लेकिन मिलावट का धंधा बंद नहीं हुआ था।
मंत्री किरोड़ी लाल मीणा ने कहा कि “यह सिर्फ नकली घी बनाने का मामला नहीं है, बल्कि यह आम लोगों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ है। सरकार ऐसे लोगों को किसी भी कीमत पर बख्शेगी नहीं।” उन्होंने साफ कहा कि इस गिरोह का पूरा नेटवर्क खंगाला जाएगा और जो भी इसमें शामिल होगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।
यह आधी रात की छापेमारी एक बार फिर यह साबित करती है कि किरोड़ी लाल मीणा न सिर्फ राजनीतिक रूप से सक्रिय मंत्री हैं, बल्कि जनता की सेहत और सुरक्षा के लिए किसी भी हद तक जाने से पीछे नहीं हटते। सर्द रात में हुई इस कार्रवाई ने यह भी दिखा दिया कि भ्रष्टाचार और मिलावटखोरी के खिलाफ उनकी मुहिम अभी थमी नहीं है — बल्कि अब और तेज हो गई है।






