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बिहार की होनहार बेटी प्रिया रानी ने अपनी कड़ी मेहनत, लगन और आत्मविश्वास के दम पर दो बार UPSC परीक्षा पास कर सबको चौंका दिया। उनका सफर संघर्ष, आत्मविश्वास और समर्पण से भरा रहा। इंटरव्यू के दौरान प्रिया ने ऐसा शानदार जवाब दिया कि पैनल के सदस्य भी मुस्कुराने लगे। उनकी यह प्रतिक्रिया सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बनी हुई है। आज प्रिया लाखों युवाओं के लिए प्रेरणा बन चुकी हैं, जिन्होंने साबित कर दिया कि सच्ची लगन से कोई भी लक्ष्य असंभव नहीं होता।
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UPSC Success Story in Hindi: गांव की लड़की का सपना बड़ा था। चुनौतियों का भी सामना किया। लेकिन कहा जाता है कि कोशिश करने वालों को मंजिल मिल ही जाती है। आज की यह कहानी है बिहार की बेटी प्रिया रानी (Priya Rani) की है। जिन्होंने 4 बार यूपीएससी का एग्जाम दिया। असफलताओं से सीखा और आगे बढ़ती रहीं। चौथे प्रयास में 69वीं रैंक के साथ IAS बनीं। प्रिया रानी की सक्सेस स्टोरी उन सभी कैंडिडेट्स के लिए महत्वपूर्ण हो है जो अपने सपनों को जीना चाहते हैं।
शुरुआत में मुश्किलें…लेकिन बढ़ती रहीं
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एक इंटरव्यू में प्रिया रानी बताती हैं कि बिहार के कुरकुरी गांव की रहने वाली हैं। गांव में पारंपरिक अलग माहौल के कारण उन्हें अपनी शिक्षा में रुकावट का सामना करना पड़ा। हालांकि परिवार का साथ मिला तो उन्हें पढ़ने के लिए गांव से बाहर यानि पटना भेज दिया गया। वहां एक साधारण किराए के घर में रहकर प्रिया ने खुद को पढ़ाई में पूरी तरह से झोंक दिया।
इंजीनियरिंग के बाद जाॅब और यूपीएससी का सफर
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प्रिया ने रांची स्थित बिड़ला इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी एंड साइंस (BIT) मेसरा से इंजीनियरिंग की डिग्री पूरी की। उनका सेलेक्शन एक प्राइवेट कंपनी में हो गया और वह बेंगलुरु में जाॅब करने लगीं। जाॅब के दौरान उनका मन सिविल सेवा की ओर हुआ। इसलिए उसने नौकरी छोड़ने का फैसला किया। प्रिया को नौकरी छोड़ने के अपने फैसले पर काफी नाराजगी का सामना करना पड़ा।
4 बार दिया यूपीएससी एग्जाम
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नौकरी छोड़ने के बाद प्रिया ने अपने यूपीएससी के सफर की शुरुआत की। पहले प्रयास में उनका सेलेक्शन नहीं हो पाया। हालांकि, दूसरे प्रयास में उन्हें सफलता मिल गई और उन्हें भारतीय रक्षा सेवा में स्थान मिला। लेकिन उनका सपना IAS बनने का था तो वह लगातार तैयारी करती रहीं। तीसरे प्रयास में उनका नहीं पाया। प्रिया ने अपने दृढ़ संकल्प को फिर से जगाया। हर दिन सुबह 4 बजे उठकर तैयारी की
69वीं रैंक के साथ बनीं टाॅप-100 में
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अपने चौथे प्रयास में, प्रिया की कड़ी मेहनत और लगन रंग लाई। उन्होंने यूपीएससी परीक्षा में 69वीं रैंक हासिल की, जिससे आईएएस अधिकारी बनने का उनका सपना साकार हुआ। प्रिय ने तैयारी बहुत सोच-समझकर की। हर बार उन्होंने प्रीलिम्स इसलिए पास किया क्योंकि उनका बेसिक कॉन्सेप्ट क्लियर था।
इंटरव्यू में 193 अंक, आत्मविश्वास देखकर पैनल भी खुश
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प्रिया रानी ने इंटरव्यू में 193 अंक हासिल किए। हालांकि उनके इंटरव्यू का एक यादगार पल था, जब पैनल ने उनसे पूछा कि ‘ऐसा कौन-सा सवाल है जो हमने आपसे नहीं पूछा?’ तो प्रिय ने मुस्कुराते हुए जवाब दिया कि शायद आप मुझसे खुद का परिचय सुनना चाहेंगे। उनकी इस समझदारी से पैनल भी खुश हो गया।
शिक्षा सबसे बड़ी दौलत
प्रिया कहती हैं कि हमेशा प्रेरित रहें, जमीन से जुड़े रहें और याद रखें कि आपने शुरुआत क्यों की थी। प्रिया रानी अपनी सफलता का श्रेय अपनी अनुशासित पढ़ाई और लगन को देती हैं। उनका माननना है कि शिक्षा ही सबसे बड़ी दौलत है जिसे कोई भी हासिल कर सकता है।






