NDA को दो-तिहाई बहुमत, महागठबंधन में RJD-कांग्रेस को कड़ी चुनौती:2024 के लोकसभा नतीजों के आधार पर बिहार की 243 विधानसभा सीटों का एनालिसिस


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6-7 अक्टूबर को बिहार विधानसभा चुनाव की तारीखों का ऐलान हो जाएगा। सभी पार्टियां प्रत्याशियों के सिलेक्शन से लेकर सीटों के चयन तक की प्रक्रिया को अंतिम रूप दे रही है।

बिहार के वोटरों के मूड को भांपने के लिए हमने सवा साल पहले हुए 2024 लोकसभा चुनाव के नतीजों को आधार बनाया है।

बिहार के लोकसभा सीटों को 243 विधानसभा के हिसाब से एनालिसिस किया तो पता चला कि NDA अपने पुराने गढ़ को बचाने के साथ कमजोर एरिया की सीटों पर प्रदर्शन में सुधार कर रहा है। वहीं, महागठबंधन में RJD-कांग्रेस को 2020 की तुलना में आधी सीटों पर कड़ी चुनौती मिलती दिख रही है।

आज के एक्सप्लेनर बूझे की नाहीं में जानिए, लोकसभा चुनाव 2024 के नतीजों के आधार पर बिहार विधानसभा चुनाव का पूरा मिजाज। कहां-किसने बाजी मारी, किसके सामने क्या चुनौतियां…

लोकसभा नतीजों के आधार पर विधानसभा के लिए 3 बड़ी फाइंडिंग्स…

1. NDA को दो तिहाई बहुमत, लेकिन गठबंधन जरूरी

2024 के आम चुनाव के नतीजों को विधानसभावार देखें तो किसी भी पार्टी को बहुमत नहीं मिल रहा है। हालांकि, NDA दो-तिहाई से ज्यादा सीटों पर आगे है। उसे 176 सीटें मिलती दिख रही है।

  • लोकसभा चुनाव 2024 के नतीजों के आधार पर BJP को 68 और नीतीश कुमार की JDU को 74 विधानसभा सीटें मिलीं।
  • वहीं, चिराग पासवान की LJP(R) ने 29 और जीतन राम मांझी की HAM ने 5 सीटें जीती थीं।
  • उपेंद्र कुशवाहा की RLM एक भी विधानसभा सीट नहीं जीती थी। हालांकि, कुशवाहा को नुकसान पहुंचाने वाले भोजपुरी सुपरस्टार पवन सिंह NDA में वापस आ गए हैं।
  • 2020 विधानसभा चुनाव की तुलना में लोकसभा चुनाव 2024 में भाजपा को 6 सीटें कम, JDU को 31 सीटें ज्यादा मिली।

कुल मिलाकर सरकार बनाने के लिए पार्टियों को गठबंधन करना जरूरी और मजबूरी दोनों है।

2. RJD को आधी सीटों पर कड़ी चुनौती

2024 लोकसभा चुनाव के नतीजों को देखें तो महागठबंधन सिर्फ 62 विधानसभा सीटों पर जीता था, जो 2020 से 48 सीट कम है। 2020 में महागठबंधन को 110 सीटें मिली थी।

  • आम चुनाव 2024 के हिसाब से RJD 36 और कांग्रेस 12 सीटों पर आगे दिख रही हैं। 2020 में RJD को 75 और कांग्रेस 19 सीटें मिली थी। यानी 2024 में दोनों ही पार्टियों की सीटें आधी हो गई थी।
  • वहीं, भाकपा-माले अपने पुराने प्रदर्शन 12 सीटों को बरकरार रखे हुए हैं।
  • मुकेश सहनी की VIP और CPI को सिर्फ 1-1 सीटें मिलीं।

3. पप्पू के सहारे अपना पुराना प्रदर्शन दोहरा सकती है कांग्रेस

2024 में टिकट न मिलने के कारण कांग्रेस नेता पप्पू यादव ने निर्दलीय चुनाव लड़ा और जीता। तब वे पूर्णिया की 4 विधानसभा सीटों पर आगे रहे। अगर इन 4 सीटों को कांग्रेस में मिला लिया जाए तो कांग्रेस की टैली 16 सीटों तक पहुंच सकती है, लेकिन 2020 के मुकाबले कांग्रेस को कम नुकसान होता दिख रहा है।

तो क्या बिहार में लोकसभा चुनाव का मोमेंटम विधानसभा में बरकरार रहेगा?

इसकी संभावना कम है, क्योंकि आंकड़े कुछ और कह रहे हैं। इसे ऐसे समझिए…

  • 2014 लोकसभा चुनाव में मोदी के चेहरे पर NDA लोकसभा की 40 में से 31 सीटें जीता। विधानसभावार देखें तो तब NDA को 174-176 सीटें मिल रही थी। डेढ़ साल बात हुए चुनाव में NDA 58 सीटों पर सिमट गया। हालांकि, तब नीतीश-लालू के साथ चले गए थे।
  • 2019 लोकसभा चुनाव में NDA लोकसभा की 40 में से 39 सीटें जीता। उस नतीजे को विधानसभावार देखें तो NDA को 224 सीटें मिलनी थी, लेकिन डेढ़ साल बाद हुए विधानसभा चुनाव में NDA किसी तरह बहुमत से 3 सीट अधिक 125 तक पहुंच सका।

पॉलिटिकल एनालिस्ट संजय सिंह कहते हैं, ‘लोकसभा चुनाव और विधानसभा चुनाव में बहुत अंतर होता है। दोनों चुनावों का ट्रेंड बिहार में अलग-अलग होता है। लोकसभा चुनाव नेशनल लेवल के मुद्दों पर हुआ था। जबकि विधानसभा चुनाव लोकल और रीजनल मुद्दों पर हो रहा है।’

संजय सिंह कहते हैं, ‘हर रीजन में अलग-अलग पार्टियों का समीकरण हैं। जैसे-UP से सटे इलाके में मायावती का कुछ प्रभाव हो सकता है तो सीमांचल में ओवैसी का। प्रशांत किशोर एक फैक्टर के तौर पर है ही।’

प्रशांत किशोर भी एक फैक्टर…

वहीं, एक बात का ध्यान रखना होगा कि लोकसभा चुनाव में लड़ाई सीधी थी। NDA वर्सेज महागठबंधन। जनसुराज के सूत्रधार प्रशांत किशोर न चुनाव लड़े थे और न किसी का समर्थन/विरोध किया था। इस बार वह मैदान में हैं।

सर्वे एजेंसी एसेंडिया स्ट्रैटेजीज की बैटल ऑफ बिहार-2025 रिपोर्ट के मुताबिक, प्रशांत किशोर का विधानसभा की 243 में से 67 सीटों पर प्रभाव दिख रहा है। इसमें सारण एरिया (सारण, सीवान, गोपालगंज) की 24, पटना-नालंदा जिले की 21 सीटें और भोजपुर एरिया (भोजपुर, बक्सर, रोहतास, कैमूर) की 22 सीटें शामिल हैं।

पॉलिटिकल एनालिस्ट सत्यभूषण सिंह कहते हैं, ‘इस बार बिहार में लड़ाई सीधी नहीं है, त्रिकोणीय है। प्रशांत किशोर की बातें जमीन तक पहुंच रही है। लोग नए नेता के तौर पर उनसे उम्मीद लगाए बैठे हैं। उसका चुनाव में असर होगा।’

सत्यभूषण सिंह कहते हैं, ‘आज की तारीख में प्रशांत किशोर ने जमीन पर इतना तो कर दिया है कि कोई भी पार्टी उन्हें रिजेक्ट नहीं कर सकती। उनका डर ही है कि सरकार ने खजाना खोल दिया है।’

अब जानिए, बिहार के अलग-अलग एरिया के हिसाब से लोकसभा चुनाव के विधानसभावार नतीजे…

दरभंगा-तिरहुत: NDA ने अपने गढ़ को और मजबूत किया

  • इस एरिया में 9 जिलों की 79 विधानसभा सीटें आती हैं। 2020 विधानसभा चुनाव में NDA ने 79 में से 55 सीटें मतलब 70% सीटें जीता। ये NDA का गढ़ माना जाता है।
  • लोकसभा चुनाव-2024 में NDA ने यहां की 79 में से 74 यानी 94% सीटें जीतीं। महागठबंधन को 2020 की तुलना में 19 सीटों का नुकसान हुआ।

शाहाबादः महागठबंधन की पकड़ बरकरार

  • शाहाबाद एरिया के 4 जिलों में 22 विधानसभा सीटें हैं। 2020 विधानसभा चुनाव में महागठबंधन 22 में से 19 सीटें जीता था। यानी 87% सीटें। यहां महागठबंधन की मजबूत पकड़ है।
  • लोकसभा चुनाव 2024 में महागठबंधन ने यहां 17 विधानसभा सीटें जीतीं। वहीं, बीजेपी ने 5 सीटें जीती, जबकि 2020 में बीजेपी को यहां सिर्फ 2 सीटें मिली थीं।

मगधः NDA ने प्रदर्शन सुधारा, महागठबंधन की पकड़ मजबूत

  • यहां के 5 जिलों में 26 विधानसभा सीटें हैं। 2020 चुनाव में मगध एरिया में महागठबंधन ने अच्छा प्रदर्शन किया था। 26 में से 20 सीटें जीतीं थी। मतलब 77% सीटें।
  • 2024 लोकसभा चुनाव के नतीजों के मुताबिक, NDA ने अपने प्रदर्शन में सुधार किया है, लेकिन महागठबंधन के गढ़ को नहीं ढाह पाया है। महागठबंधन 26 में से 17 सीट जीता है, जो पिछली बार से 3 सीटें कम हैं। वहीं, NDA ने पिछली बार से 3 सीट ज्यादा 9 सीटें जीतीं।

सारणः NDA की जोरदार वापसी

  • सारण के 3 जिलों में 24 विधानसभा की सीटें हैं। 2020 में महागठबंधन ने 24 में से 15 सीटें जीत ली थी, जिसे NDA को बड़ा झटका माना गया था।
  • 2024 लोकसभा चुनाव के नतीजों के मुताबिक, NDA ने 24 में से 20 सीटों पर जीत दर्ज की है, जो 2010 के आंकड़ों के करीब-करीब बराबर है।
  • 2015 में नीतीश कुमार जब लालू यादव के साथ तो तब महागठबंधन 24 में से 18 सीटें जीता था।
  • 2010 में NDA ने 24 में से 20 सीटों पर जीत दर्ज किया था।

 

CM नीतीश कुमार लगातार नए-नए ऐलान कर रहे हैं। 125 यूनिट फ्री बिजली से लेकर महिला को 10 हजार तक बांट रहे हैं। लोक-लुभावन योजनाओं के सहारे सरकार लोगों को अपने पक्ष में करने का प्रयास कर रही है।

 

 

 

 

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