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जोधपुर शहर की प्यास बुझाने वाली कायलाना झील में कूदकर तीन साल पहले 50 के करीब सुसाइड के मामले सामने आए थे। एक समय यह सुसाइड पॉइंट के नाम से बदनाम थ। अब यहां सुसाइड के आंकड़े घट चुके हैं। यहां के चौकी की पुलिस और गोताखोरों की मेहनत के चलते एक साल में ही 100 से ज्यादा लोगों की जान बचा चुकी है। इसका नतीजा है कि इस साल महज दो ही मामले सामने आए है।

चौकी में तैनात हेड कॉन्स्टेबल डूंगर सिंह ने बताया- कायलाना झील के 2.5 किलोमीटर के इलाके में तीन से चार प्वाइंट ऐसे है। जहां सुसाइड करने के अटेंप्ट ज्यादा होते हैं। पहले यहां पर पुलिस चौकी नहीं थी। इसके बाद 20 अगस्त 2022 से यहां चौकी बनकर तैयार हुई। इसके एक साल बाद उनकी पोस्टिंग यहां हुई। यहां आए तो देखा कि कई बार लोग छोटी छोटी बात को लेकर नाराज होकर घर से चले आते और सुसाइड कर लेते थे। इस तरह की घटनाएं होने से पुलिस भी काफी चिंतित थी। ऐसे में तय किया गया कि इस मामलों में लोगों की जान बचानी है, लेकिन सबसे बड़ा चैलेंज यह था कि कैसे पता चले कि कौनसा व्यक्ति घूमने आया है और कौन सुसाइड के इरादे से आया है।

इस तरह के मामलों को देखते हुए चौकी की पुलिस उच्च अधिकारियों के निर्देशन पर सादा वर्दी में रहती है। टीम जो भी संदिग्ध या उदास व्यक्ति को देखता उसे अपने पास बुलाकर काउंसलिंग करती है।चौकी में लाकर उनकी समझाइश की जाती है। इसके बाद उनके घरवालों को बुलाकर सुपुर्द किया जाता है। कई बार संबंधित थानों की पुलिस को बुलाकर उनके घर भी छोड़ा जाता है।

3 साल पहले हुई स्थापना
दरअसल सुसाइड के बढ़ते हुए मामलों को देखते हुए कायलाना चौकी की स्थापना 20 अगस्त 2022 को की गई थी। उस समय तत्कालीन विधायक सूर्यकांता व्यास ने इसका लोकार्पण किया था।साल 2013 से लेकर 2024 तक कायलाना झील में डूबकर सुसाइड या मौत के करीब 75 मामले दर्ज हैं। जबकि 77 लोगों की मौत हो चुकी है। यहां साल 2021 में 49 बॉडी निकाली जा चुकी है। जबकि इस साल दो लोगों की डूबने से मौत हुई है।






