डॉक्टर की सलाह: शुरुआती जांच से बीमारियों का जल्द पता चलता है, इलाज भी होता है आसान और सस्ता
कैंसर विशेषज्ञों का कहना है कि यह बीमारी शुरुआती चरण में पहचान ली जाए तो पूरी तरह नियंत्रित की जा सकती है। डॉक्टर तरंग कृष्णा के अनुसार, कई बार कैंसर शरीर में बिना लक्षण के बढ़ता रहता है, इसलिए साल में एक बार नियमित जांच कराना बेहद जरूरी है। उन्होंने बताया कि शुरुआती जांच से न केवल बीमारियों का पता समय रहते चल जाता है, बल्कि इलाज आसान और सस्ता भी हो जाता है। ये टेस्ट महंगे नहीं हैं — लगभग ₹100–₹200 में कराए जा सकते हैं — और लंबे समय तक सेहत की सुरक्षा में मददगार साबित होते हैं।
CBC-खून की स्थिति जानने के लिए
डॉक्टरों के अनुसार, 25 वर्ष से अधिक उम्र की महिलाओं को हर साल CBC (कम्प्लीट ब्लड काउंट) टेस्ट अवश्य करवाना चाहिए। यह जांच खून से जुड़ी कई महत्वपूर्ण जानकारियां देती है — जैसे शरीर में खून की कमी, संक्रमण या सूजन की स्थिति। सफेद रक्त कोशिकाओं की अधिकता किसी बीमारी का संकेत हो सकती है, जबकि प्लेटलेट्स की गिनती से शरीर की आंतरिक स्थिति का अंदाजा लगाया जा सकता है। नियमित जांच से समय रहते बीमारियों का पता लगाया जा सकता है।
LFT-लिवर की सेहत जांचने के लिए
यह टेस्ट लिवर की कार्यप्रणाली की जांच करता है और बताता है कि वह शरीर में ठीक से काम कर रहा है या नहीं। लिवर शरीर से विषैले पदार्थों को निकालने, पाचन में मदद करने और दवाओं को प्रोसेस करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इस जांच से लिवर में संक्रमण, सूजन या किसी बीमारी के शुरुआती संकेत समय रहते पता चल जाते हैं।
KFT-किडनी की हालत जानने के लिए
किडनी शरीर से अपशिष्ट पदार्थों को छानने का काम करती है, और यह टेस्ट उसके सही कार्य का आकलन करता है। इसमें क्रिएटिनिन और यूरिया के स्तर की जांच की जाती है। अगर इनकी मात्रा सामान्य से अधिक पाई जाए, तो यह किडनी के ठीक से काम न करने या उसके शुरुआती नुकसान का संकेत हो सकता है।
Thyroid Profile-थायराइड की गड़बड़ी पहचानने के लिए
थायराइड शरीर की ऊर्जा, वजन, मेटाबॉलिज्म और मूड को नियंत्रित करने वाला महत्वपूर्ण ग्रंथि है। इसके असंतुलित होने पर वजन में अचानक बदलाव, थकान, कमजोरी, बाल झड़ना और दिल की धड़कन में गड़बड़ी जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं। इसलिए थायराइड की नियमित जांच से इन समस्याओं का समय पर पता लगाया जा सकता है।
Lipid Profile-दिल और कोलेस्ट्रॉल की सुरक्षा के लिए
यह टेस्ट हृदय स्वास्थ्य का आकलन करने के लिए किया जाता है। इसमें अच्छे (HDL) और बुरे (LDL) कोलेस्ट्रॉल तथा ट्राइग्लिसराइड्स के स्तर की जांच की जाती है। अगर एलडीएल अधिक और एचडीएल कम हो, तो दिल की धमनियों में चर्बी जमने लगती है, जिससे हार्ट अटैक या स्ट्रोक का जोखिम बढ़ जाता है।
40 साल से ऊपर के पुरुषों के लिए कैंसर टेस्ट
PSA- यह टेस्ट प्रोस्टेट कैंसर का संकेत देता है
CA 19.9- पैंक्रियाटिक कैंसर यानी अग्नाशय कैंसर का मार्कर
CA 72.4- पेट के कैंसर का पता लगाने के लिए
40 साल से ऊपर महिलाओं के लिए
CA-125 टेस्ट से ओवरी कैंसर का, CA 15.3 से ब्रेस्ट कैंसर का और CEA से शरीर में संभावित कैंसर गतिविधि का पता लगाया जा सकता है। ये शुरुआती जांच के लिए उपयोगी मार्कर हैं, लेकिन निश्चित निदान के लिए डॉक्टर की सलाह और आगे की जांच आवश्यक होती है। डिस्क्लेमर: यह जानकारी केवल जागरूकता के उद्देश्य से दी गई है। किसी भी स्वास्थ्य समस्या या उपचार से पहले विशेषज्ञ डॉक्टर की सलाह ज़रूर लें।