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UP Lekhpal Bharti 2025 के लिए आवेदन प्रक्रिया जल्द शुरू होने जा रही है। भर्ती का डिटेल नोटिफिकेशन जारी कर दिया गया है, जिसके अनुसार उम्मीदवार 29 दिसंबर से ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे। इस बार यूपी लेखपाल भर्ती परीक्षा के पैटर्न में अहम बदलाव किए गए हैं, जिससे तैयारी की रणनीति भी बदलना जरूरी हो गया है। ऐसे में अभ्यर्थियों के लिए नया सिलेबस और टॉपिक-वाइज पाठ्यक्रम को समझना बेहद अहम है, ताकि वे बदले हुए एग्जाम पैटर्न के अनुसार सही दिशा में तैयारी कर सकें।
🟢 📘 UP Lekhpal 2025 Syllabus in Hindi | 7,994 पदों पर भर्ती का नोटिफिकेशन जारी
📝 29 दिसंबर से आवेदन शुरू | परीक्षा पैटर्न में बड़ा बदलाव
Summary:
उत्तर प्रदेश में सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए बड़ी खबर है। UP Lekhpal Bharti 2025 का आधिकारिक नोटिफिकेशन जारी कर दिया गया है। इस भर्ती के जरिए कुल 7,994 लेखपाल पदों पर नियुक्तियां की जाएंगी। भर्ती प्रक्रिया का संचालन उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UPSSSC) करेगा, जिसकी आधिकारिक वेबसाइट upsssc.gov.in पर 29 दिसंबर 2025 से ऑनलाइन आवेदन शुरू होंगे। 12वीं पास उम्मीदवार इस भर्ती के लिए आवेदन कर सकेंगे। आवेदन की अंतिम तिथि 28 जनवरी 2026 है, जबकि एप्लिकेशन फीस 4 फरवरी 2026 तक जमा की जा सकेगी।
🔔 तैयारी से पहले नया सिलेबस जानना क्यों जरूरी?
आवेदन प्रक्रिया शुरू होने के साथ ही उम्मीदवारों के लिए सबसे अहम है UP Lekhpal 2025 का नया सिलेबस समझना। इस बार परीक्षा पैटर्न में बड़े बदलाव किए गए हैं, जिसके चलते पुराने सिलेबस के आधार पर तैयारी करना सही नहीं होगा। आयोग ने परीक्षा की संरचना में बदलाव करते हुए कुछ विषयों को हटाया है और कुछ टॉपिक्स के वेटेज में कटौती की है।
⚡ मैथ हटाया गया, पैटर्न में बदलाव
नए सिलेबस के अनुसार, इस बार लेखपाल की लिखित परीक्षा से गणित (Maths) विषय को पूरी तरह हटा दिया गया है।
✅ हालांकि उम्मीदवारों की विश्लेषण क्षमता जांचने के लिए डेटा इंटरप्रिटेशन से 10 अंकों के 10 प्रश्न पूछे जाएंगे।
✅ पहले 25 अंकों का रहने वाला ग्रामीण परिवेश अब घटाकर सिर्फ 5 अंकों का कर दिया गया है।
⏰ परीक्षा पैटर्न कैसा होगा?
लेखपाल भर्ती की लिखित परीक्षा में वस्तुनिष्ठ और बहुविकल्पीय प्रकार (MCQ) के कुल 100 प्रश्न पूछे जाएंगे।
🟢 परीक्षा की अवधि 2 घंटे की होगी।
🟢 प्रत्येक सही उत्तर के लिए 1 अंक मिलेगा।
⚠️ इस बार परीक्षा में नेगेटिव मार्किंग भी लागू है, इसलिए उत्तर देने में सावधानी बरतना जरूरी है।
🎯 सही रणनीति से मिलेगी बढ़त
बदले हुए सिलेबस और नए परीक्षा पैटर्न को देखते हुए अभ्यर्थियों को अपनी तैयारी की रणनीति उसी हिसाब से तैयार करनी होगी।
💡 टॉपिक-वाइज पढ़ाई
💡 मॉक टेस्ट
💡 समय प्रबंधन
ये सभी इस परीक्षा में सफलता की कुंजी साबित हो सकते हैं।
🌟 Pro Tip:
🔹 पुराने सिलेबस पर भरोसा न करें।
🔹 डेटा इंटरप्रिटेशन और ग्रामीण परिवेश पर ज्यादा फोकस करें।
🔹 हर दिन कम से कम 2-3 घंटे प्रैक्टिस टेस्ट दें।
UP Lekhpal Topic Wise Syllabus in Hindi: देखें
| विषय का नाम | टॉपिक |
| भाग 1. (1) भारत का इतिहास एवं भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन | भारतीय इतिहास के अंतर्गत सामाजिक, सांस्कृतिक, आर्थिक एवं राजनैतिक पक्षों की जानकारी। भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन- स्वतंत्रता आंदोलन, राष्ट्रीयता का अभ्युदय तथा स्वतंत्रता प्राप्ति के संबंध में डिटेल। |
| (2) भारतीय राजव्यवस्था एवं भारतीय संविधान | भारत में संवैधानिक विकास, भारतीय संविधान, भारतीय राजनीतिक व्यवस्था एवं शासन, पंचायती राज एवं स्थानीय स्वशासन, लोक नीति एवं आधिकारिक मुद्दे तथा सामुदायिक विकास सहित राजनीतिक प्रणाली के ज्ञान। |
| (3) भारत एवं विश्व का भूगोल | भारत के भूगोल के अंतर्गत देश के भौतिक, सामाजिक एवं आर्थिक भूगोल, कृषि, बागवानी, वानिकी एवं पशुपालन, जनसंख्या एवं नगरीकरण का प्रारूप,स्मार्ट सिटी एवं स्मार्ट विलेज से सम्बन्धित जानकारी। विश्व भूगोल के बारे में सामान्य जानकारी। |
| (4) भारतीय अर्थव्यवस्था एवं सामाजिक विकास | भारत में आर्थिक नियोजन, उद्देश्य एवं उपलब्धियां, नीति आयोग की भूमिका, सतत विकास के लक्ष्य। सरकार के बजट के अवयव तथा वित्तीय प्रणाली। भारत में कृषि, उद्योग एवं व्यापार वाणिज्य का विकास । भारत में स्वतंत्रता के पश्चात भूमि सुधार। भारत में वैश्वीकरण तथा उदारीकरण के प्रभाव, औद्योगिक नीति में परिवर्तन तथा इनके औद्योगिक विकास पर प्रभाव। आधारभूत संरचना: ऊर्जा, बंदरगाह, सड़क, विमान पत्तन तथा रेलवे आदि। |
| (5) ग्राम्य समाज एवं विकास | ग्राम्य विकास भारतीय संदर्भ में, ग्राम्य विकास कार्यक्रम, ग्राम्य विकास योजनायें एवं प्रबन्धन, ग्राम्य विकास शोध प्रणालिया, ग्रामीण स्वास्थ्य योजनायें, ग्रामीण सामाजिक विकास, ग्राम्य विकास और भूमि सुधार, केंद्र व राज्य सरकार की ग्राम्य विकास से सम्बंधित योजनायें। |
| (6) राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय महत्व की समसामयिक घटनाएं | राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय दोनों स्तरों पर हाल के घटनाक्रमों की जानकारी। |
| (7) विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी | विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विकास एवं राष्ट्रीय सुरक्षा में भारत की विज्ञान एवं प्रौद्योगि की नीति का दैनिक जीवन में अनुप्रयोग विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी में भारतीयों की उपलब्धियाँ, प्रौद्योगिकी का स्वदेशीकरणा नवीन प्रौद्योगिकियों का विकास, द्विअनुपयोगी एवं तकनीकि उपयोगी प्रौद्योगिकिया। अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी, रक्षा प्रौद्योगिकी, ऊर्जा स्रोतों,नैनो प्रौद्योगिकी, सूक्ष्म जीव विज्ञान, जैव प्रौद्योगि क्षेत्र में जागरुकता। बौद्धिक संपदा अधिकारों एवं डिजिटल अधिकारों से संबन्धित मुद्दे। |
| (8) पर्यावरण पारिस्थितिकी तथा आपदा प्रबन्धन | पर्यावरणीय सुरक्षा एवं पारिस्थितिकी तन्त्र, वन्यजीव संरक्षण, जैव विविधता, पर्यावरणीय प्रदूषण एवं क्षरण, पर्यावरणीय संघात आकलन तथा जलवायु परिवर्तन पर सामान्य मुद्दों से सम्बन्धित सामान्य जानकारी। भारत में आपदा, गैर-पारम्परिक सुरक्षा एवं संरक्षा की चुनौती के रूप में आपदा न्यूनीकरण एवं आपदा प्रबन्धन आपदा प्रबंधन अधिनियम-2005, राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (NDMA), राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (SDMA),राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRI) एवं राज्य आपदा मोचन बल (SDRF) तथा भारत में आपदा प्रबंधन के क्षेत्र में कार्य कर रही विभिन्न संस्थाएं।विश्व स्तर पर आपदा न्यूनीकरण एवं आपदा प्रबन्धन के क्षेत्र में किये जा रहे प्रयास एवं उपलब्धियां। |
| (9) डाटा इंटरप्रिटेशन (DI) | आंकड़ों की व्याख्या एवं विश्लेषण । सांख्यिकीय विश्लेषण – ग्राफ और डायग्राम जिनसे अभ्यर्थियों की सांख्यिकीय व ग्राफिकीय डायग्राम सम्बन्धी प्रस्तुत सूचना से सामान्य ज्ञान सम्बन्धी परिणाम निष्कर्ष निकालने की क्षमता की परख हो सके। |
| (10) सामान्य हिन्दी | सामान्य हिन्दी, शासकीय, अर्द्धशासकीय, वैयक्तिक तथा व्यावसायिक समस्याओं के निराकरण हेतु सम्बन्धित को सम्बोधित पत्र,कार्यालय आदेश, अधिसूचना और परिपत्र सम्बन्धी प्रश्न। वर्ण एवं ध्वनि विचार: उच्चारण, लेखन, स्वर, व्यंजन, मात्रा पहचान और प्रयोग, ध्वनियों का वर्गीकरण। शब्द रचना: संधि एवं संधि विच्छेद, समास, उपसर्ग, प्रत्यय। शब्द प्रकार : (क) तत्सम, अर्द्धतत्सम, तद्धव, देशज, विदेशी। (ख) संज्ञा, सर्वनाम, विशेषण, क्रिया, अव्यय (क्रिया विशेषण, सम्बन्ध सूचक, विस्मयबोधक, निपात)। शब्द ज्ञान: पर्यायवाची, विलोम, शब्द युग्मों का अर्थ भेद, वाक्यांश के लिए सार्थक शब्द,समश्रुत भिन्नार्थक शब्द, समानार्थी शब्द, उपयुक्त शब्द चयन, सम्बन्धवाची शब्दावली। शब्द शुद्धि। व्याकरणिक कोटियां परसर्ग, लिंग, वचन, पुरूष, काल, वृत्ति, पक्ष, वाच्या वाक्य रचना, प्रकार सरल, संयुक्त, मिश्र, वाक्य शुद्धि, विराम चिन्हों का प्रयोग, मुहावरे लोकोक्तियां। |
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| भाग-3 उत्तर प्रदेश राज्य से संबंधित सामान्य जानकारी | उत्तर प्रदेश का इतिहास, संस्कृति, कला, वास्तुकला,त्योहार, लोक नृत्य, साहित्य, क्षेत्रीय भाषायें, विरासत, सामाजिक रीति-रिवाज और पर्यटन,भौगोलिक परिदृश्य एवं पर्यावरण,प्राकृतिक संसाधन,जलवायु, मिट्टी, वन, वन्यजीव, खान और खनिज, अर्थव्यवस्था, कृषि, उद्योग, व्यवसाय और रोजगार, राजव्यवस्था एवं प्रशासन, समसामयिक घटनाओं एवं विभिन्न क्षेत्रों में उत्तर प्रदेश राज्य की उपलब्धियां आदि। |






