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साल 2025 में कीमती धातुओं में चांदी ने सोने को पीछे छोड़ दिया है। मात्र 11 महीनों में चांदी ने 100% से ज्यादा रिटर्न दिया, जो सोने के रिटर्न से कहीं अधिक है। चांदी की कीमत रिकॉर्ड स्तर पार कर 1.90 लाख रुपये प्रति किलोग्राम तक पहुंच गई है। निवेशकों और सर्राफा बाजार में इसकी तेजी ने हलचल मचा दी है।

Silver Hits Record: 2025 में चांदी ने सोने को पीछे छोड़ दिया
नई दिल्ली: साल 2025 में चांदी ने निवेशकों को जबरदस्त रिटर्न दिया है और सोने को भी पीछे छोड़ दिया। एमसीएक्स पर मार्च डिलीवरी वाली चांदी बुधवार सुबह 1.90 लाख रुपये प्रति किलो के पार पहुंच गई। मंगलवार को भी चांदी ने 1.88 लाख रुपये प्रति किलो के नए रेकॉर्ड को पार किया था। वहीं, सोना मामूली तेजी के साथ खुला, लेकिन इस साल रिटर्न के मामले में चांदी ने सोने को काफी पीछे छोड़ दिया है।
इस साल जनवरी से नवंबर तक चांदी ने करीब 100% रिटर्न दिया, जबकि सोने ने 60% का ही रिटर्न दिया। 2 जनवरी को चांदी की कीमत करीब 90 हजार रुपये प्रति किलो थी, जो अब 1.90 लाख रुपये प्रति किलो तक पहुंच गई है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी चांदी 28 डॉलर से बढ़कर अब 57 डॉलर पर कारोबार कर रही है। यह पिछले महीने में 20% से अधिक और इस साल अब तक 100% से ज्यादा बढ़ोतरी दर्शाता है।
साल की शुरुआत में सोना चांदी की तुलना में तेजी से आगे था, लेकिन कुछ समय बाद चांदी ने रफ्तार पकड़ ली और साल के अंत तक कीमतों और रिटर्न में सोने को पीछे छोड़ दिया। इस साल चांदी ने कई रिकॉर्ड तोड़े हैं, न केवल तेजी के बल्कि कीमतों के मामले में भी।
चांदी की तेजी के पीछे सबसे बड़ा कारण मांग में अचानक इजाफा है। अक्टूबर में चीन से चांदी का निर्यात 660 टन से अधिक के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया, जबकि चीन का भंडार पिछले दस सालों में सबसे निचले स्तर पर आ गया। सप्लाई में कमी के कारण यह तेजी आई है।
इसके अलावा, अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व की ब्याज दरों में संभावित कटौती की उम्मीदें भी चांदी और सोने की कीमतों को आगे बढ़ा सकती हैं। यदि फेड रिजर्व ब्याज दरों में कटौती करता है, तो आने वाले समय में इनकी कीमत में और तेजी देखी जा सकती है। साल 2026 के अंत तक फेड तीन बार ब्याज दरों में कटौती कर सकता है, जिससे सोना और चांदी दोनों को लाभ मिलने की संभावना है।






