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“Mobile Charger Electric Shock: अगर आप मोबाइल चार्जर को अपने पास रखकर सोते हैं तो यह खतरनाक हो सकता है। हाल ही में एक बच्चे को चार्जर से करंट लगने की घटना सामने आई है। विशेषज्ञों के अनुसार, चार्जर के गलत या लापरवाह उपयोग से किसी को भी करंट लग सकता है, इसलिए सुरक्षा के लिए आवश्यक सावधानियां बरतना बेहद जरूरी है।”
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“Mobile Charger Electric Shock: अक्सर लोग मोबाइल चार्जर को पास में लगाकर सोते हैं, लेकिन यह आदत बेहद खतरनाक साबित हो सकती है। चार्जर से इतना घातक करंट दौड़ सकता है कि गंभीर चोट या मौत भी हो सकती है। ताजा मामला 8 वर्षीय लोरेंजो लोपेज का है, जो चार्जर से करंट लगने के कारण बुरी तरह झुलस गया। घटना के समय उसके बगल में एक एक्सटेंशन कॉर्ड था, जिसमें चार्जर loosely plugged था और चार्जर तथा कॉर्ड के बीच जगह बची हुई थी। इसी वजह से लोरेंजो करंट की चपेट में आ गया।
विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह की दुर्घटनाओं से बचने के लिए चार्जर को हमेशा ठीक से प्लग करें और सोते समय मोबाइल या चार्जिंग डिवाइस को अपने पास न रखें। बच्चों के पास चार्जर का इस्तेमाल हमेशा निगरानी में होना चाहिए और एक्सटेंशन कॉर्ड या ढीले कनेक्शन को सुरक्षित करना बेहद जरूरी है। इस घटना ने यह साबित कर दिया है कि साधारण लगने वाली आदतें भी गंभीर खतरों को जन्म दे सकती हैं।”
टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट (Ref.) के मुताबिक अमेरिका के रहने वाले लोरेंजो के गले में सोने की चेन थी, इसका एक हिस्सा उस जगह में फंस गया जहां पर एक्सटेंशन कॉर्ड और चार्जर के बीच में गैप था। अचानक करंट दौड़ पड़ा। बच्चे का शरीर झटका खाकर हिल गया। लोरेंजो को पहले गले में गर्मी महसूस हुई। वो चिल्लाना चाहता था, लेकिन मुंह से आवाज नहीं निकली। करंट पूरे शरीर में दौड़ रहा था। डर के मारे उसने जोर से चेन खींची और उसे फेंक दिया। बस यही एक हरकत उसकी जान बचाने वाली साबित हुई। उसकी मां को बाद में अस्पताल वालों ने बताया कि अगर चेन न उतारता तो बच्चा मर जाता। लोरेंजो को तुरंत अस्पताल ले जाया गया। उसके गले और छाती पर गहरी जलन के निशान थे। डॉक्टरों ने स्किन ग्राफ्ट किया यानी दूसरी जगह से स्किन लेकर जलने वाली जगह पर चढ़ाई। कई दिन दर्द रहा, लेकिन अब बच्चा ठीक हो रहा है। लोरेंजो की मां बहुत डर गई थीं। उन्होंने सोचा कि सिर्फ रोना-धोना नहीं, दूसरों को भी सावधान करना चाहिए। इसलिए उन्होंने अपनी कहानी सबके साथ बांटी। उनका सिर्फ एक संदेश है – बच्चों को चार्जर या मोबाइल लेकर सोने न दें। कहीं ऐसा ही हादसा किसी और के साथ न हो जाए। बहुत से लोग रात को मोबाइल बिस्तर पर या तकिए के नीचे रखकर चार्ज करते हैं। तकिया-गद्दा हिलते हैं तो चार्जर के पिन बाहर निकल आते हैं। अगर कोई मेटल की चीज वहां छू जाए तो करंट लगने का पूरा खतरा रहता है। लोरेंजो का हादसा इसी वजह से हुआ। सस्ते और नकली चार्जर ना खरीदें। जिन चार्जर के तार फटे हों, प्लग ढीले हों, उन्हें तो तुरंत फेंक दें। हमेशा अच्छी कंपनी का और Certified चार्जर लें। एक्सटेंशन बोर्ड भी ऐसा लें जिसमें प्लग अच्छे से फिट हो। हर हफ्ते एक बार सब चीजें चेक करें। अगर बच्चे के पास चार्जर है तो सोने से पहले चेन, कड़ा या कोई भी मेटल का आभूषण है तो उतार दें। मेटल करंट को बहुत जल्दी खींच लेता है। छोटी-सी चेन भी जान ले सकती है। रात को सादे कपड़े और बिना गहनों के सोना सबसे सुरक्षित है। छोटे बच्चे तार खींचते हैं, मुंह में डालते हैं। उनके लिए तो चार्जर बेहद खतरनाक हो सकता है। सोते समय सारे चार्जर और मोबाइल ऊंची मेज पर रखें या प्लग निकाल कर अलमारी में बंद कर दें। मोबाइल पूरा चार्ज हो गया तो चार्जर प्लग से निकाल दें। रात भर प्लग में लगा रहने से न सिर्फ करंट लगने का डर रहता है बल्कि आग भी लग सकती है। थोड़ी सी सावधानी बहुत बड़ी मुसीबत बचा लेती है।एक्सटेंशन कॉर्ड और चार्जर के गैप फंसी सोने की चेन
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मां ने सबके साथ बांटी कहानी
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बिस्तर पर चार्जर रखना कितना खतरनाक?
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ऐसे चार्जर न खरीदें
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सोते समय ये चीजें उतार दें
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छोटे बच्चों से चार्जर दूर रखें
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प्लग से निकालकर सोएं
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