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राजस्थान के बीकानेर में एक बार फिर बड़ा हादसा टल गया। 12 नवंबर को बीकानेर-बांद्रा ट्रेन में ब्रेक शू जाम होने से धुआं उठने और अफरातफरी मचने के बाद, 16 नवंबर की देर शाम फिर से दुर्घटना जैसी स्थिति बनी। ट्रैक पर खड़ी ट्रैक्टर-ट्रॉली से सुपरफास्ट ट्रेन की टक्कर हो गई, लेकिन समय रहते नुकसान टल गया और यात्री सुरक्षित बच गए।
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राजस्थान के बीकानेर में रविवार शाम एक बड़ी दुर्घटना होते-होते टल गई जब दिल्ली–बीकानेर सुपरफास्ट एक्सप्रेस (22472) का इंजन रेलवे ट्रैक पर खड़ी ट्रैक्टर-ट्रॉली से जा टकराया। हादसा श्रीडूंगरगढ़ और बेनीसर स्टेशन के बीच बिना गेट वाले समपार फाटक पर हुआ। रेलवे अधिकारियों के अनुसार, ट्रैक्टर-ट्रॉली लेकर आया चालक जल्दबाजी में रेलवे लाइन पार कर रहा था, लेकिन तेज रफ्तार में आती ट्रेन को देखकर घबरा गया और ट्रॉली को ट्रैक पर ही छोड़कर फरार हो गया। इसी दौरान ट्रेन की गति धीमी होने के बावजूद इंजन ट्रॉली से टकरा गया, जिससे जोरदार धमाका हुआ और ट्रॉली कई मीटर दूर जा गिरी।
धमाका सुनते ही ट्रेन में बैठे सैकड़ों यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई। कई यात्री घबराकर ट्रेन से नीचे उतर गए, स्थिति को समझने लगे और कुछ यात्रियों ने मौके की वीडियो रिकॉर्डिंग भी की। हालांकि, लोको पायलट की सूझबूझ के कारण ट्रेन की स्पीड पहले ही कम कर दी गई थी, वरना टक्कर की तीव्रता अधिक होने से इंजन डिरेल होने की आशंका थी और बड़ा हादसा हो सकता था। सौभाग्य से किसी भी यात्री या रेल कर्मचारी को चोट नहीं आई।
घटना की सूचना मिलते ही जीआरपी व स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और ट्रॉली को ट्रैक से हटवाया गया। ट्रैक्टर-ट्रॉली को सीज कर लिया गया है तथा फरार चालक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। रेलवे अधिकारियों ने ट्रैक और इंजन की सुरक्षा जांच कर ट्रेन को कुछ देर बाद पुनः बीकानेर की ओर रवाना कर दिया।
यह घटना चार दिन पहले बीकानेर-बांद्रा ट्रेन में ब्रेक शू जाम होने और धुआं उठने से मची अफरातफरी के बाद दूसरी बार है जब यात्रियों की जान खतरे में पड़ी, लेकिन समय रहते दुर्घटना टल गई।






