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Delhi NCR Pollution Update: बढ़ते प्रदूषण स्तर को देखते हुए सरकार ने जीआरएपी-3 लागू कर दिया है। अब प्रशासन की ओर से स्कूलों को लेकर अहम फैसले लिए जा रहे हैं। दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद और फरीदाबाद समेत एनसीआर के कई जिलों में स्कूलों को लेकर दिशा-निर्देश जारी करने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है और जल्द ही अंतिम निर्णय की घोषणा की जाएगी।
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Delhi NCR GRAP-3 Schools Closed News LIVE:
नवंबर के दूसरे हफ्ते के साथ ही दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण का स्तर फिर से भयावह रूप ले चुका है। राजधानी और आसपास के इलाकों में हवा इतनी जहरीली हो गई है कि लोगों का सांस लेना तक मुश्किल हो गया है। कई जगहों पर दृश्यता घटने लगी है और वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) ‘गंभीर’ श्रेणी को पार कर चुका है। इस बीच, सरकार ने वायु प्रदूषण से निपटने के लिए ग्रेडेड रेस्पॉन्स एक्शन प्लान (GRAP) का तीसरा चरण लागू कर दिया है, जो अब पूरे राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) में प्रभावी हो गया है।
GRAP-3 लागू होने के साथ ही एक बार फिर से स्कूलों के संचालन को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। क्या दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद, फरीदाबाद और गुरुग्राम में स्कूल बंद होंगे? क्या बच्चों की पढ़ाई ऑनलाइन मोड में शिफ्ट की जाएगी? इन सभी सवालों पर सरकार और प्रशासन ने स्थिति स्पष्ट की है। फिलहाल, दिल्ली सरकार ने कक्षा 5 तक के छात्रों के लिए हाइब्रिड मोड में क्लास चलाने के निर्देश दिए हैं। यानी, छोटे बच्चों की पढ़ाई अब या तो घर से ऑनलाइन होगी या जरूरत पड़ने पर ऑफलाइन क्लास में, यह निर्णय अभिभावक और स्कूल के बीच आपसी सहमति से लिया जाएगा।
वहीं, 6वीं से लेकर 12वीं तक की कक्षाएं अभी सामान्य रूप से स्कूलों में जारी रहेंगी। हालांकि, अगर प्रदूषण का स्तर और बढ़ता है और वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) GRAP-4 लागू करता है, तो क्लास 1 से 9 और 11वीं तक की पढ़ाई को पूरी तरह ऑनलाइन मोड पर शिफ्ट किया जा सकता है। बोर्ड परीक्षाओं की तैयारियों को देखते हुए 10वीं और 12वीं के छात्रों को स्कूल आने की अनुमति मिलती रहेगी।
दिल्ली के कई निजी और सरकारी स्कूलों ने बच्चों की सेहत को ध्यान में रखते हुए खुद से भी कुछ कदम उठाए हैं। अब अधिकांश स्कूलों में आउटडोर एक्टिविटीज, स्पोर्ट्स और मॉर्निंग असेंबली को पूरी तरह इनडोर कर दिया गया है। कुछ स्कूलों ने परिसर में एयर प्यूरीफायर लगाए हैं और मास्क पहनना अनिवार्य बना दिया है। शालीमार बाग स्थित मॉडर्न पब्लिक स्कूल की प्रिंसिपल डॉ. अल्का कपूर ने बताया कि बच्चों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है — “हमने सभी बाहरी गतिविधियां बंद कर दी हैं और बच्चों को यथासंभव अंदर ही रखा जा रहा है।”
नोएडा और गाजियाबाद प्रशासन ने भी प्रदूषण से बचाव के लिए एडवाइजरी जारी की है। दोनों जिलों में अभी तक स्कूल बंद करने का कोई आधिकारिक आदेश नहीं है, लेकिन जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि स्थिति की लगातार समीक्षा की जा रही है। फरीदाबाद और गुरुग्राम में भी अधिकारी हालात पर नजर बनाए हुए हैं।
वहीं, दिल्ली के प्रदूषण नियंत्रण विभाग के अनुसार, पिछले 24 घंटों में राजधानी का औसत AQI 425 दर्ज किया गया, जबकि आनंद विहार, जहानगीरपुरी और नरेला जैसे इलाकों में यह 450 से ऊपर चला गया। विशेषज्ञों का कहना है कि यह स्तर बेहद खतरनाक है, खासकर बच्चों, बुजुर्गों और सांस की बीमारियों से जूझ रहे लोगों के लिए।
इस बीच, सोशल मीडिया पर स्कूल बंद होने की कई अफवाहें फैल रही हैं। सरकार ने इन पर रोक लगाते हुए कहा है कि फिलहाल स्कूलों को लेकर जो भी निर्णय लिया जाएगा, उसकी आधिकारिक सूचना दिल्ली शिक्षा निदेशालय (DoE) या संबंधित जिला प्रशासन की वेबसाइट पर दी जाएगी। साथ ही, अभिभावकों से अपील की गई है कि वे किसी भी अनौपचारिक संदेश या व्हाट्सएप फॉरवर्ड पर विश्वास न करें।
सरकार और प्रशासन दोनों ही लगातार हवा की गुणवत्ता पर नजर बनाए हुए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि प्रदूषण की स्थिति में जल्द सुधार नहीं हुआ, तो आने वाले दिनों में सख्त कदम उठाए जा सकते हैं — जिनमें स्कूलों की पूर्ण बंदी और सार्वजनिक गतिविधियों पर रोक शामिल हो सकती है।
फिलहाल, बच्चों की पढ़ाई बाधित न हो, इसके लिए स्कूलों को वैकल्पिक योजना तैयार करने को कहा गया है। डिजिटल मोड के लिए प्लेटफॉर्म तैयार किए जा रहे हैं, ताकि जरूरत पड़ने पर तुरंत ऑनलाइन क्लास शुरू की जा सके।
इस बीच, धर्मेंद्र उपाध्याय (दिल्ली एजुकेशन डिपार्टमेंट के अधिकारी) ने कहा — “सरकार बच्चों की सुरक्षा को लेकर पूरी तरह सतर्क है। स्थिति की समीक्षा हर 12 घंटे में की जा रही है। यदि प्रदूषण स्तर में सुधार नहीं होता है, तो स्कूलों को लेकर सख्त कदम उठाए जाएंगे।”
इस तरह, दिल्ली-एनसीआर में GRAP-3 लागू होने के बाद फिलहाल छोटे बच्चों की क्लासें हाइब्रिड मोड में चलेंगी, जबकि बड़े छात्रों के लिए स्कूल खुले रहेंगे। हवा की गुणवत्ता के आधार पर अगले कुछ दिनों में स्थिति और फैसले दोनों बदल सकते हैं। फिलहाल, सभी की नजरें सरकार के अगले आदेश पर टिकी हैं।
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Delhi News: 5वीं तक क्लास हाईब्रिड मोड पर
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Schools Closed due to Pollution: जब सुप्रीम कोर्ट ने कहा- स्कूल बंद करें
पिछले साल यानी 2024 में 18 नवंबर को सुप्रीम कोर्ट ने प्रदूषण के मुद्दे पर कदम उठाते हुए दिल्ली एनसीआर के सभी स्कूल बंद करने का निर्देश दिया था। तब GRAP-4 लागू किया जा चुका था। AQI 450 से ऊपर पहुंच चुका था। हवा में घुले जहर, जानलेवा प्रदूषण से मसले पर सर्वोच्च न्यायालय ने इसमें हस्तक्षेप किया था। जस्टिस अभय एस ओका और जस्टिस अगस्टीन जॉर्ज मसीह ने दिल्ली सरकार, यूपी सरकार (नोएडा, गाजियाबाद, अन्य), हरियाणा सरकार (गुरुग्राम, फरीदाबाद, अन्य) को तुरंत ये निर्देश लागू करने के लिए कहा था। -
Pollution School Close: स्कूल बंद करना जरूरी?
आज से ग्रैप-3 लागू हुआ है। ग्रैप 3 के नियम देखें, तो इसमें शिक्षण संस्थान बंद करना अनिवार्य नहीं रखा गया है। हालांकि सरकारें अपने-अपने स्तर पर स्कूल बंद करने का फैसला ले सकती है।। स्कूल, कॉलेज, कोचिंग इंस्टिट्यूट्स अपने-अपने स्तर पर बच्चों की सुरक्षा के लिए जरूरी कदम उठा सकते हैं। इसी के तहत दिल्ली में 5th क्लास तक स्कूल हाईब्रिड मोड पर किए गए हैं।Delhi Pollution: नोएडा में स्कूल बंद होंगे?
दिल्ली से सटे नोएडा में प्रदूषण का स्तर भी उतना ही बुरा है। दिल्ली के लिए तो निर्देश आ गए हैं। नोएडा में स्कूल बंद होने या क्लासेस ऑनलाइन होने को लेकर अब तक कोई गाइडलाइन नहीं आई है। लेकिन मंगलवार की रात या बुधवार तक गौतमबुद्ध नगर जिला प्रशासन की ओर से सर्कुलर जारी किया जा सकता है। -
GRAP 3 Restrictions: दिल्ली NCR में किन चीजों पर पाबंदी
जीआरएपी-3 के तहत ये पाबंदियां लगाई जाती हैं-- गैर-जरूरी निर्माण और तोड़फोड़।
- सीमेंड, रेत जैसे कंस्ट्रक्शन मैटीरियल्स की ढुलाई।
- जिन ईंधनों की अनुमति नहीं, उन्हें इस्तेमाल करने वाली इंडस्ट्रीज।
- पत्थर तोड़ने वाली मशीनें, माइनिंग एक्टिविटीज।
- बीएस-3 पेट्रोल और बीएस-4 डीजल गाड़ियां।
- डीजल से चलने वाली गैर-जरूरी मालवाहक गाड़ियां।
- इंटर-स्टेट डीजल बसें जो सीएनजी या इलेक्ट्रिक पावर्ड नहीं हैं या बीएस-6 स्टैंडर्ड की नहीं हैं।
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GRAP क्या है?
GRAP का फुल फॉर्म है- ग्रेडेड रेस्पॉन्स एक्शन प्लान। ये एक आपातकालीन परिस्थिति में लागू किया जाने वाला प्लान है जो दिल्ली एनसीआर रीजन में वायु प्रदूषण से लड़ने के लिए तैयार किया गया है। इसमें स्टेजवाइज पैरामीटर्स लागू किए जाते हैं। जैसे-जैसे प्रदूषण का स्तर बढ़ता है, वैसे-वैसे इसके नियम सख्त होते जाते हैं। -
Delhi AQI: 10 और 11 नवंबर में अंतर
मंगलवार, 11 नवंबर की सुबह सीएक्यूएम ने बताया कि दिल्ली में एक ही दिन में वायु प्रदूषण का स्तर ‘बेहद खराब’ से ‘गंभीर’ की श्रेणी में पहुंच गया है। जहां 10 नवंबर को एक्यूआई 362 था, वहां 11 नवंबर को सुबह 9 बजे ये 425 दर्ज किया गया। -
GRAP-3 लागू
कमीशन फॉर एयर क्वालिटी मैनेजमेंट (CAQM) ने दिल्ली NCR में जीआएपी फेज 3 लागू कर दिया है। आयोग ने कहा कि हवा की गुणवत्ता का मौजूदा हाल देखते हुए ये फैसला लिया जा रहा है। ताकि रीजन में एयर क्वालिटी और खराब न हो। -
Delhi Schools: दिल्ली में स्कूल के लिए निर्देश
मंगलवार, 11 नवंबर की दोपहर शिक्षा निदेशालय ने प्रदूषण के मद्देनजर दिल्ली में स्कूलों के लिए निर्देश जारी किए हैं। पांचवीं क्लास तक स्कूल हाईब्रिड मोड पर चलाने के लिए कहा गया है। यानी क्लासेस ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरीके से ली जाएंगी। -
Delhi School News: जारी सर्कुलर

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Delhi Pollution: किन स्कूलों में ऑनलाइन क्लासेस
एजुकेशन डायरेक्टरेट, दिल्ली द्वारा जारी सर्कुलर के अनुसार, लेटेस्ट गाइडलाइन दिल्ली के सभी सरकारी, सरकारी सहायता प्राप्त, निदेशालय, NDMC, एमसीडी और दिल्ली कैंट बोर्ड के प्राइवेट स्कूलों पर लागू होगा।






